
डेस्क खबर बिलासपुर/मुंगेली../ मुंगेली जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2012-13 में हुई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। तीन स्वीकृत पदों के विरुद्ध पांच लोगों की नियुक्ति किए जाने के मामले में बिलासपुर संभागायुक्त के आदेश के बाद आखिरकार जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जांच अधिकारी डॉ. सुदेश कुमार रात्रे ने अपनी जांच रिपोर्ट की प्रति मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सौंप दिए जाने की जानकारी दी है।
मामले की शिकायतकर्ता द्वारा यह गंभीर आरोप लगाया गया था कि निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर न केवल पदों से अधिक नियुक्तियां की गईं, बल्कि अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित पद को समाप्त कर ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार का चयन कर लिया गया। शिकायत में इसे पूर्णतः नियमविरुद्ध और फर्जीवाड़ा बताया गया है।

बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत संभाग आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर में की गई थी, जिसके बाद जांच आगे बढ़ सकी। जांच अधिकारी के अनुसार पूरे प्रकरण की विधिवत जांच की गई है और सभी बिंदुओं को रिपोर्ट में शामिल किया गया है। अब यह CMHO पर निर्भर करेगा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
सबसे अहम सवाल यह है कि क्या इस पूरे मामले में तत्कालीन CMHO की भूमिका भी उजागर होगी, क्योंकि उसी समय भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। यदि जांच में किसी प्रकार की साजिश या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति के एक मामले में एक कर्मचारी को बर्खास्त किया जा चुका है, जहां बिना आवेदन के ही अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया था। ऐसे मामलों ने विभागीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायकर्ता का कहना है कि पूरे मामले में जांच को दबा रखने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच हों ताकि अनियमितताओं पर रोक लग सके और योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो। अब सबकी नजर CMHO द्वारा लिए जाने वाले फैसले पर टिकी हुई है,जिसका शिकायकर्ता को इंतजार है ।