डेस्क खबरबिलासपुर

पार्ट –36 : राशन घोटाला:  सरकारी राशन की खुली कालाबाजारी, कैमरे में दूसरी बार कैद हुआ राशन के बदले नगद पैसा देते दुकानदार ! विक्रेता संघ अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय के खिलाफ FIR  दर्ज नहीं होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलन्द



डेस्क खबर  बिलासपुर../  छत्तीसगढ़ शासन और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का उद्देश्य प्रदेश के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को सस्ती दरों पर या मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी भूखा न रहे। लेकिन न्यायधानी बिलासपुर जिले में इस योजना को पलीता लगाते हुए शासकीय उचित मूल्य दुकानों में जमकर घोटाला और कालाबाजारी की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि योजना का लाभ असली जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जबकि सरकारी चावल खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं दुकानदार लगातार कैमरे में कैद भी हो रहे है उसके बाद भी जिले में बैठे जिम्मेदार खाद्य अधिकारी आंख मूंद के बैठे हुए है । राशन दुकानदारों ने अपना एक कालाबाजारी का सिंडिकेट बना के रखा हुआ है जिसका अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय है जो कि पहले भी अपने बेटे के साथ राशन के बदले नगद पैसा देते हुए कैमरे में कैद हो चुका है । बिलासपुर जिले के वार्ड न 30 मुन्नूलाल शुक्ल गोंडपारा स्थित सरकारी राशन दुकान श्री शक्ति प्राथमिक उपभोक्ता दुकान का संचालक फिर एक बार कैमरे में सरकारी अनाज के बदले नगद पैसा देते हुए कैद हुआ है ।



लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि कई राशन दुकान संचालक हितग्राहियों को अनाज देने के बजाय नगद राशि थमा रहे हैं। 2025 में 12 मई को भी श्री शक्ति प्राथमिक उपभोक्ता दुकान का एक वीडियो वायरल हो चुका था  लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा दुकानदार के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने से जमकर कालाबाजारी की कहानी जारी है। जिसके चलते फिर यह कालाबाजारी करते कैमरे में कैद हो गया है।



हैरानी की बात यह है कि इन तमाम मामलों की जानकारी होने के बावजूद खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अधिकारी भौतिक सत्यापन के नाम पर घोषणा पत्र भरवा कर मामले को रफा दफा कर रहे अलग अलग कार्यों में व्यस्त होने का  हवाला देकर कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं और केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभा रहे हैं। जबकि पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर द्वारा ऐसे दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इतना ही नहीं राशन विक्रेता संघ के अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय , सत्यशीला उपाध्याय और पुष्पा दीक्षित के खिलाफ तत्कालीन खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने मामला दर्ज करने की अनुशंसा की पुख्ता जांच रिपोर्ट भी पेश की थी लेकिन वर्तमान खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर से उनकी करीबी और एक रिश्तेदार अधिकारी के संरक्षण के चलते कार्यवाही नहीं हो पा रही है । सूत्र दावा करते है कि दुकान के निलंबन को चैलेंज कर दुकान को बहाल करने में भी इन अधिकारियों ने कोर्ट से लेकर वर्तमान कलेक्टर तक को गुमराह करके रखा हुआ है ।



सूत्रों के अनुसार, बिलासपुर जिले में लगातार ऐसे मामले सामने आने के बाद भी कालाबाजारीयो को खाद्य विभाग का खुला संरक्षण मिला हुआ है।  खाद्य विभाग के सालों से कई अधिकारी जमे हुए है जो कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी भी देने में हिलहवाला कर अपने रिश्तेदारों  दुकानदारों को बचाने का कार्य कर रहे है  इससे साफ जाहिर होता है कि शिकायत के बाद भी है जांच प्रक्रिया  संदेह के घेरे में है। लगातार सामने आ रहे वीडियो और शिकायतें शासन की योजनाओं पर ग्रहण की तरह हैं जिसपर कार्यवाही नहीं होने से सरकार जी छबि खराब हो रही है और गरीबों के सरकारी राशन की कालाबाजारी और मुनाफ़खोरी जिले में चरम पर है ।

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