


डेस्क खबर बिलासपुर./ प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर पुलिस महकमे में एक बार फिर खाकी की साख कटघरे में है। शहर के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल के खिलाफ स्पा सेंटर संचालकों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद बिलासपुर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पूरे प्रकरण की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह करेंगे। इस मामले से जुड़े साक्ष्य के रूप में शिकायकर्ता ने वाट्सअप काल का स्क्रीन शॉट और asp कार्यालय में किया गया स्टिंग आपरेशन का वीडियो भी सबूत के तौर पर सौंपा है । जिसमें पूर्व ASP नजर आ रहे है और पिछले कई महीनों से उनके द्वारा किए जा रहे वाट्सअप कॉलिंग की तारीख और समय भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है ।






शिकायतकर्ता स्पा सेंटर संचालक लोकेश सेन ने IG को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि तत्कालीन एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल हर महीने ₹30 हजार की अवैध वसूली की मांग कर रहे थे। आरोप है कि रकम न देने पर जबरन कार्रवाई, लाइसेंस और नियमों का डर दिखाकर दबाव बनाया जाता था। इतना ही नहीं, मानसिक प्रताड़ना और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं।
मामले ने उस वक्त और गंभीर मोड़ ले लिया जब सोशल मीडिया पर एएसपी से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ। शिकायतकर्ता ने वीडियो के साथ-साथ व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल्स और अन्य सबूत भी IG कार्यालय में प्रस्तुत किए हैं। इन सबूतों के आधार पर ही IG ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिसिया रसूख का इस्तेमाल कर स्पा सेंटर संचालन को निशाना बनाया गया और डर के माहौल में अवैध वसूली की गई। संचालक का दावा है कि लगातार दबाव और धमकियों के चलते उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच में सच्चाई सामने आएगी या मामला फाइलों में दब जाएगा? फिलहाल, IG के आदेश के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है और पूरे शहर की नजरें एसएसपी रजनेश सिंह की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।