डेस्क खबरमुंगेली

कलेक्टर के आदेश की उड़ रही धज्जियाँ ,पूर्व CMHO पर FIR के निर्देश के 7 साल बाद भी सिटी कोतवाली पुलिस खामोश ! बड़ा सवाल ! राजनैतिक दबाव या प्रशासनिक संरक्षण.??



डेस्क खबर ../ मुंगेली जिले में प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और पुलिस की चुप्पी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वर्ष 2019 में तत्कालीन कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जगदीश चंद्र मेश्राम और संतोष कुमार यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट आदेश जारी किए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सात साल बीत जाने के बावजूद सिटी कोतवाली में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।


बताया जा रहा है कि कलेक्टर के आदेश के अनुपालन में तत्कालीन CMHO द्वारा सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा गया था और संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए थे। इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को भी दी गई थी। कलेक्टर द्वारा विधिवत जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद पुलिस विभाग की ओर से मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।


अब सवाल यह उठता है कि आखिर कलेक्टर के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? क्या यह महज लापरवाही है या फिर विभागीय अधिकारियों की आपसी मिलीभगत का नतीजा? सात साल तक कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जनता अब जानना चाहती है कि कानून का पालन होगा या फिर रसूखदारों को एक बार फिर संरक्षण मिलेगा। वही इस मामले में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि मामले की लीपापोती की असली वजह क्या है राजनैतिक संरक्षण या फिर प्रशासनिक दबाव .??

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