डेस्क खबरबिलासपुर

ग्राम पंचायत चकरभाठा में सचिव पर भ्रष्टाचार और गबन का आरोप, जांच के बाद भी कार्रवाई अधूरी.! बिना जानकारी के पंचायत की राशि को जमा किया अपने निजी खाते में !




डेस्क खबर बिलासपुर /.मुंगेली जिले के ग्राम पंचायत चकरभाठा में पदस्थ सचिव पर भ्रष्टाचार और पंचायत राशि के गबन का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि सचिव ने सरपंच और पंचों को बिना जानकारी दिए पंचायत की राशि का आहरण कर उसे अपने निजी खाते में जमा कराया। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच समिति का गठन तो किया गया, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, जिला पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पत्र दिनांक 4/11/2025 में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत चकरभाठा के सचिव चंद्रकुमार साहू द्वारा पंचायत की राशि का कई किश्तों में आहरण कर धोखाधड़ी करते हुए गबन किया गया। इस राशि आहरण की जानकारी न तो सरपंच को थी और न ही पंचों को। बताया जा रहा है कि सचिव पिछले करीब 15 वर्षों से ग्राम पंचायत में पदस्थ हैं।


शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लगभग एक माह पूर्व तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। इस समिति में जनपद पंचायत मुंगेली के सीईओ  लक्ष्मीकांत कौशिक,  दिनेश सिंगरौल और  बृजेश चौबे को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जांच पूरी होने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत सीईओ को सौंप दी है।


इस संबंध में जब जनपद पंचायत मुंगेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मीकांत कौशिक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत चकरभाठा में सचिव द्वारा बिना जानकारी दिए पंचायत की राशि के गबन और अनियमितता का मामला सामने आया था। पूरे प्रकरण की जांच कर जांच रिपोर्ट जिला सीईओ को भेज दी गई है।
हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि जांच में क्या तथ्य सामने आए और अब तक क्या कार्रवाई की गई है, तो इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इससे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि पूरे मामले की जांच में  गबन की पुष्टि होने के बाद भी दोषी सचिव के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं होने से  प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं ।

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