

डेस्क खबर ../ छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों से मनरेगा के कार्य बंद होने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा अंतर्गत ग्राम सिकोसा में मरार समाज द्वारा आयोजित शाकम्भरी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे भूपेश बघेल ने मंच से मनरेगा और कोरोना काल को लेकर विवादित बयान दिया, जिसकी चर्चा अब राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार दिया गया था, ताकि गरीब और मजदूर वर्ग को राहत मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा के कुछ नेताओं ने यह कहकर हाईकोर्ट का रुख किया था कि मनरेगा कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है।
भूपेश बघेल ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा, “जब पति-पत्नी एक ही घर में रहते हैं, तब सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होती, लेकिन वही लोग अगर मनरेगा में काम करने जाते हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग याद आ जाती है।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार ने संकट के समय में भी जनता के हित में निर्णय लिए, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पिछले दो वर्षों से मनरेगा के काम लगभग ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के गरीब मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीब, किसान और मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी।