कोरबाडेस्क खबरबिलासपुर

कोरबा कुसमुंडा सड़क पर तालाब का नजारा, बड़े बड़े जानलेवा गड्ढों से परेशान व्यापारियों ने किया अनोखा स्नान ..बड़ा सवाल ! कब जागेगें जिम्मेदार ? ?



अजय राय की कलम से
डेस्क खबर बिलासपुर / कोरबा ../ प्रदेश की ऊर्जानगरी कहे जाने वाले कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में सड़क की जर्जर हालत ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। विकास नगर कुसमुंडा फोरलेन पर इमली छापर से लेकर चर्च कॉम्प्लेक्स तक जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे  जानलेवा बने हुए हैं। स्थिति यह है कि बारिश होते ही सड़क तालाब का रूप ले लेती है। लगभग 100 मीटर लंबे हिस्से में हमेशा जलभराव बना रहता है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


इसी समस्या को लेकर सोमवार को क्षेत्रीय व्यापारियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। वे बाल्टी, साबुन और तौलिया लेकर सड़क पर जमा पानी में नहाने उतरे। इस सांकेतिक प्रदर्शन के जरिए उन्होंने शासन-प्रशासन का ध्यान सड़क की दुर्दशा की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। व्यापारिक संघ के अध्यक्ष अशोक राठौर ने बताया कि पिछले दो सालों से स्थिति जस की तस बनी हुई है। हर बारिश में यह सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है और पानी महीनों तक जमा रहता है।



व्यापारियों का कहना है कि सड़क की इस बदहाली से उनका व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो चुका है। दुकानों के सामने पानी भर जाने से ग्राहक आना बंद कर देते हैं। वहीं कॉलोनीवासियों और ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी यह रास्ता सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। खराब सड़क और गहरे गड्ढों की वजह से दुर्घटना का खतरा भी हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों और व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि वे बार-बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में मजबूर होकर उन्हें सड़क पर नहाकर विरोध करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे। कुसमुंडा की यह तस्वीर विकास कार्यों की हकीकत और जिम्मेदारों की लापरवाही को उजागर करती है। अब देखना होगा कि विकास के दावे करने वाली ट्रिपल इंजन सरकार इस मसले को कितनी गंभीरता से लेती है और कब कोरबा की जनता को इन जानलेवा गड्ढे से निजात मिलती है ।

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