छत्तीसगढ़

भिलाई के डीपीएस स्कूल दुष्कर्म मामला ! मचे बवाल पर फूटा आक्रोशित पालकों का गुस्सा ! पुलिस कप्तान ने संभाला मोर्चा …. सांसद ने जताई चिंता ! तो आम आदमी पार्टी ने की मांग.. देखिए exculisive video और पढ़िए पूरी खबर .!

डेस्क खबर / छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के एक मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना मामले में बवाल मचा हुआ है । दुर्ग ज़िले के रिसाली स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में पेरेंट्स एकजुट होकर स्कूल का घेराव करते हुए नारेबाजी करते हुए हल्लाबोल प्रदर्शन किया । पालकों के आक्रोश को देखते हुए स्कूल का गेट बंद कर दिया गया ,। । घटना 5 जुलाई की बताई जा रही है शहर में चल रही चर्चा के अनुसार नामी स्कूल की आया मासूम को लेकर टॉयलेट लेकर गई थी जहा वॉश रुम में छोड़कर वह दूसरे कामों में व्यस्त हो गई।कुछ देर बाद रोते हुए बच्ची वॉश रुम से बाहर आई, तब स्कूल वालों का ध्यान गया।इसी बीच स्कूल की छुट्टी हो गई।स्कूल प्रबंधन ने बच्ची को उसे लेने आई कार में बिठाकर घर भेज दिया।इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया।इस घटना में पीड़ित बच्ची को न्याय नहीं मिलने का उल्लेख किया गया है।इसी घटना के संदर्भ को लेकर के सभी पेरेंट्स अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार स्कूल प्रबंधन के समक्ष प्रश्न खड़े कर करते हुए प्रदर्शन किया और वांट जस्टिस के नारे के साथ मासूम के साथ न्याय की मांग की l

 

 

 

इस मामले में उत्पन्न विवाद और आरोपों के मद्देनजर, दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि मामले में पुलिस की जांच पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

 

शुक्ला ने कहा कि मामले की जानकारी पुलिस को 6 जुलाई को मिली और तत्परता से 7 से 8 जुलाई से जांच शुरू की गई। उन्होंने बताया कि 10 से 15 दिन के भीतर मामले की गहराई से जांच की गई, जिसमें पीड़िता, उसके माता-पिता, स्कूल के प्रधानाचार्य, प्रशासनिक स्टाफ, और क्लास टीचर शामिल थे। शुक्ला ने पुष्टि की कि महिला एडीशनल एसपी को मामले की जांच के लिए नियुक्त किया गया है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने पुलिस के ऊपर लग रहे आरोपों पर पूरी जिम्मेदारी से अपना पक्ष रख यह भी बताया कि जब यह मामला आया था, पुलिस की टीम इसकी जांच की गई दुष्कर्म जैसा कोई भी चीज जांच में नहीं पाई गई। और कुछ लोग इस बारे में लोगों को भ्रमित किया जा रहा है ।

 

 

 

दूसरी ओर, इस मामले को लेकर दिल्ली से दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने भी हस्तक्षेप किया है। बघेल ने कहा कि उन्हें डीपीएस स्कूल में हुई घटना की जानकारी मिली और उन्होंने कलेक्टर, एसपी, और स्कूल प्रबंधन से निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। बघेल ने स्पष्ट किया कि यदि घटना सत्य है तो यह बेहद निंदनीय है और अपराधियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।

 

सांसद विजय बघेल ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि वे उनके साथ हैं और इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। बघेल ने कहा, “यदि अपराध हुआ है, तो इसे अमानवीय मानते हुए दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस तरह के घिनौने अपराध करने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी और इस दिशा में सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

 

 

इस प्रकार, पुलिस और सांसद दोनों ने इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच की पुष्टि की है, जिससे अभिभावकों और समाज में विश्वास बहाल हो सके। वही इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी कलेक्टर और पुलिस कप्तान को पत्र लिख कर इस मामले की निष्पक्ष जांच और सभी स्कूलों में छात्रों छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी है ।

 

 

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