पत्रकार की मौत का ख़ौपनाक वीडियो आया सामने ..!
4 लोग जले जिंदा , पुलिस बता रही है तीन ..!
दर्दनाक मौत के सच का कौन देगा जबाब ..?
आखिरकार क्या है पूरा सच ..!

बिलासपुर।न्यायधानी बिलासपुर में जिंदा जलने से हुई मौतों का ख़ौपनाक वीडियो के सामने आने के बाद से कई तरह की अटकलों की कवायद शुरू हो गई है । कई बातो को लेकर बाजार में चर्चा का बाजार गर्म है । लोगो को यकीन नही आ रहा है कि ऐसा भी हो सकता है और इस तरह की तस्वीर सामबे आ सकती है जिसपर यकीन करना मुश्किल है । लेकिन अभी तक कितने लोगोंकी इस दर्दनाक में मौत हुई है अभी भी संस्पेंस बना हुआ है लेकिन सच यही है कि इस दर्दनाक में हादसे में 4 लोगो की मौत हो चुकी है और पुलिस आभो भी संख्या के आंकड़ों पर जुटी हुई है
आपने देखा कि किस तरह एक मानव जिंदा जलते रहे और लोग तमाशा देख वीडियो बनाते रहे । घण्टना लगभग 1 बजे के आसपास की बताई जा रही है और पुलिस की मौके पर 2 से 3 बजे की जानकारी मिल रही है और जो वीडियो वायरल हो रहा है वह भी पुलिस द्वारा बनाया गया है ये भी जानकारी मिली है लेकिन कड़वा सच सच है कि जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस ने किसी प्रकार से भी लगी भयंकर आग को बुझाने की कोशिश नहीं कि हमारे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रतनपुर पुलिस को रात्रि 2 से ढाई बज्र के बीच सूचना मिल चुकी थी लेकिन पुलिस ने किसी प्रकार भी इस आग पर काबू पाने का कोई प्रयास नही किया जिसके कारण अभी तक रहश्य बना हुआ है कि आखिरकार मौत कितने लोग की हुई है
इस मामले में पुलिस की कमी की बात जो सामबे आई है उसके बाद से एक बार बिलासपुर पुलिस संदेह के घेरे में है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार न्यायधानी की क्राइम ब्रान्च और रतनपुर थाना प्रभारी किसी मामले की विवेचना में पड़ताल के बहाना बताक ररायपुर में क्रिकेट मैच देखने मस्त थे ।
बिलासपुर के उच्च अधिकारियों को ग़लत देकर मैच किसकी परमिश्म से देखा जा रहा रहा था इसकी पुख्ता सच सामने नही आ सका है ? वही रतनपुर थाना प्रभारी सूचना मिलने के बाद भी घटनास्थल में इतनी देर में क्यो पहुचे इसका जबाब भी नही मिल पाया है .?
आखिकार पुलिस में घण्टो लगी आग बुझाने की कोशिश क्यो नही की इसका जबाब कौन देगा .?
आखरिकर अपराध सिलसिले में रवानगी देकर मैच के लुफ्त कौन उठा रहे रहे थे ।?
वही इस दर्दनाक घटना के बाद भी पुलिस के जवान घण्टो गायब रहे .?
लेकिन सच यह है कि यदि पुलिस ने थाने में मौजूद फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाने की थोड़ी भी कोशिस की होती तो शायद मौत का सही आंकड़ा का सच सामने ला सकती थी ।
लेकिम सच यही है कि एक दर्दनाक हादसे में लोग जिंदा जल गए लेकिन पुलिस की भूमिका पर कोई सवाल खड़े नही कर रहे है और ना ही पुलिस मृतकों की संख्या बताने की स्तिथि में है ?