छत्तीसगढ़

हाथियों के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत !
जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण !
हाथ मे मशाल लेकर हाथियों के करीब पहुचे लोग …!
वन विभाग पर लगा अनदेखी के आरोप !

राकेश मिश्रा की कलम से

बिलासपुर।मरवाही और कटघोरा वनमंडलों के बीच हाथियों के अलग अलग दलों को मौजूदगी ने ग्रामीणों की न केवल चिंता बढा दिया है बल्कि अब लोग जान जोखिम में डालते हुये नजर आ रहे हैं। दरअसल 22 हाथियों के अलावा तीन हाथियों का एक दूसरा दल मरवाही वनमंडल के पंेंड्रा रेंज के गोढा इलाके में और कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज के कर्री के आसपास डेरा डाले हुये है। ये वह जगह है जहां नदी के दोनों किनारों पर दोनों वनमंडल की सीमांए लगती है एक किनारे पर मरवाही तो दूसरे किनारे पर कटघोरा वनमंडल की सीमा है।

हाथी यहां कभी नदी में नहाते हैं तो कभी इस पार तो कभी उस पार जा रहे हैं। 22 हाथियों के दल ने पेंड्रा रेंज में जहां 15 घरों को नुकसान पहुंचाया है तो वहीं पसान रेंज मे करीब 24 घरों को जबकि करीब 100 किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं तीन हाथियों के दूसरे दल में जिसमें त्रिदेव नाम का दंतैल हाथी भी मौजूद है ये मरवाही से लेकर कोरिया, अनूपपुर और पसान तक उत्पात मचाते रहा है और यही दल फिलहाल सबसे ज्यादा उत्पात मचा रहा है। हाथियों के दल के सीमावर्ती इलाके में मौजूदगी और आवाजाही से दोनों वनमंडल के वनकर्मियों को नजर बनाये रखनी पड़ रही है जबकि हड़ताल के चलते मुआवजा अभी तक नहीं मिल सका है। वहीं ग्रामीण हाथियो को खदेड़ने के प्रयास मे मशाल हाथ में लिये हाथियों के काफी नजदीक तक जा रहे हैं जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने की संभावना है। वहीं जनप्रतिनिधियों और वनविभाग के अधिकारियों के उपर हाथी संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की सूचनाओं की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं….

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