
डेस्क खबर बिलासपुर../ शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के दावों की उस वक्त पोल खुल गई, जब रपटा पुल से लेकर साइंस कॉलेज रोड, अपोलो रोड और पचरी घाट एनीकट तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। यातयात विभाग के लाख दावे की पोल खोलता यह जाम और वाहनों की कतार खोलती नजर आ रही यह तस्वीर कुछ देर पहले लंबे समय से जाम में फंसे एक युवक ने भेज अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बिलासपुर की ट्राफिक व्यवस्था और आए दिन रास्तो में लग रहे जाम पर गहरी नाराजगी जताई है।
सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े जाम के बावजूद मौके पर यातायात विभाग का कोई कर्मी नजर नहीं आया। एक तरफ यातायात विभाग लगातार व्यवस्था सुधारने और जाम से राहत दिलाने के दावे करता रहा है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर लगी वाहनों की लंबी कतारें जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं।
सवाल यह है कि जब शहर की प्रमुख सड़कों पर लोग घंटों जाम में फंसे रहे, तो यातायात विभाग आखिर कहां था? आम जनता को जाम से राहत दिलाने के दावे करने वाले जिम्मेदार अधिकारी क्या केवल कागजों में ही यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं?सड़कों पर जाम की तस्वीरें साफ बता रही हैं कि व्यवस्था सुधारने के दावों और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर है। अब सवाल उठता है कि शहरवासियों को रोजाना जाम की परेशानी से कब राहत मिलेगी और यातायात विभाग अपनी जिम्मेदारी कब निभाएगा?
