डेस्क खबरबिलासपुर

सिरगिट्टी में अवैध शराब का खुला खेल ,पुलिस कर रही अनदेखी …नाबालिगों से शराब बिकवाने की सूचना .बीजेपी नेता लगा रहा महीनों से थाने का चक्कर नहीं हो रही कार्यवाही .. शिकायतकर्ता बोला—15-20 बार थाने गया, नहीं मिली पावती..



डेस्क खबर बिलासपुर../ बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कथित अवैध शराब और नशे के कारोबार को लेकर पुलिस की गंभीरता और  कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर पुलिस के आला अधिकारी अवैध नशे और आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। वार्ड क्रमांक 11, कबीर दास नगर में एक महिला के घर से लंबे समय से कथित अवैध शराब बिक्री किए जाने की शिकायत सामने आई है। मामले में वार्ड पार्षद केशरी इंगोले ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता एवं बीजेपी नेता सुंदर सिंह का दावा है कि वे पिछले करीब दो महीनों में 15 से 20 बार थाने पहुंचकर शिकायत देने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन शिकायत दर्ज करने और पावती देने में कथित तौर पर टालमटोल की गई। कभी थाना प्रभारी कि अनुपस्थिति का तो कभी किसी और बहानेबाजी कर थाने में उनकी शिकायत लिए बिना बैरंग लौटा दिया जाता है। बीजेपी नेता का आरोप है कि सुबह से लेकर देर रात तक शराब के लिए अपराधिक किस्म के युवकों का यहाँ आना जाना लगा रहता है और आए दिन यहां आने वाले बदमाश क्षेत्र में चाकूबाजी लुट सहित कई और गंभीर अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे है जिसके कारण क्षेत्र के लोगों के मन में डर बना हुआ है और किसी अनहोनी की आशंका हमेशा बनी रहती है।



मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि क्षेत्र में नाबालिग बच्चियों से कथित तौर पर शराब बिकवाए जाने की सूचना भी सामने आई है। पड़ताल के दौरान संबंधित ठिकाने पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने और संदिग्ध लोगों की आवाजाही की बात कही जा रही है। हालांकि शराब बिक्री, नाबालिगों के इस्तेमाल और आपराधिक घटनाओं से सीधे संबंध के आरोपों के दावे स्थानीय क्षेत्र के बीजेपी नेता और पार्षद पति ने भी किए है लेकिन उसके बाद भी पुलिस मामले को गंभीरता से लेती नजर नहीं आ रही है।



गौरतलब है कि कि संबंधित महिला विरोध करने वालों को कथित तौर पर धमकाती है और पुलिस के नाम का इस्तेमाल कर डराने का प्रयास करती है। इतना ही नहीं महिला के कारनामों को उजागर करने वालो को महिला अपने घर में आने जाने वाले क्षेत्र में चर्चित बदमाशों के नाम पर लोगों में दहशत भी पैदा करने का काम करती है । महिल से जुड़ा वायरल ऑडियो और पूर्व में सामने आए एक कथित वीडियो का भी हवाला दिया जा रहा है जिसमें वह एक युवक को धमकाते हुए तो वीडियो में उसके घर के अंदर एक पुलिसकर्मी पैसा गिनते हुए कैमरे में भी कैद हो चुका है जिसकी जानकारी सिरगिट्टी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों को भी है।



सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर शिकायत गलत है तो जांच कर स्थिति साफ क्यों नहीं की जाती और अगर शिकायत में दम है तो कार्रवाई में देरी क्यों? अब देखना नाबालिगों से कथित शराब बिक्री, अवैध नशे और आपराधिक तत्वों की आवाजाही जैसे आरोप सामान्य शिकायत नहीं हैं। ऐसे मामलों में थाना स्तर पर निष्पक्ष जांच, मौके का सत्यापन और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
अब निगाहें सिरगिट्टी पुलिस और आबकारी विभाग पर हैं—क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित शराब ठिकाने तक पुलिस पहुंचेगी? और अगर आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदारों पर कब गिरेगी कार्रवाई की गाज? डंकाराम का सवाल साफ है—जब सूचना और शिकायत दोनों मौजूद हैं, तो कार्रवाई के लिए पुलिस को आखिर और कितने सबूत चाहिए? महीनो से अवैध शराब की बिक्री और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर थाने के चक्कर काट रहे बीजेपी नेता और पार्षद पति को आज पावती मिल ही गई ।

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