
डेस्क खबर बिलासपुर ../ बिलासपुर में आरक्षण व्यवस्था को लेकर सर्व सवर्ण समाज ने अब आवाज बुलंद की है। जातिगत आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव कर इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
बिलासपुर। आरक्षण को जातिगत आधार से हटाकर आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को लेकर सर्व सवर्ण समाज ने गुरुवार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम बिलासपुर कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि देश की आजादी के बाद सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई थी। लेकिन अब समय आ गया है कि आरक्षण की व्यवस्था की समीक्षा की जाए और इसका लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाए। समाज के लोगों ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों को आगे लाना था, लेकिन लंबे समय बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ है। उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति चाहे किसी भी जाति का हो, उसे शिक्षा और रोजगार में समान अवसर मिलना चाहिए।समाज की प्रमुख मांग है कि आरक्षण का आधार जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत को बनाया जाए।
ज्ञापन के दौरान यूजीसी से जुड़े प्रावधानों में संशोधन की भी मांग उठाई गई। समाज के लोगों ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के भेदभाव या असमान अवसर का सामना न करना पड़े, इसके लिए नीतियों में आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि आरक्षण को किसी वर्ग के खिलाफ खड़ा करने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिसमें गरीबी और आर्थिक पिछड़ापन वास्तविक कसौटी बने। उनका कहना था कि संपन्न परिवारों को केवल जातिगत पहचान के आधार पर लगातार आरक्षण का लाभ मिलना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का अवसरों से वंचित रहना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मांग की कि सामान्य समाज की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करते हुए आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जाए।

इस अवसर पर कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अरविंद दीक्षित, सचिव राजेश शुक्ला, संयोजक मनोज तिवारी, अनिल तिवारी, संयोजक मनीष अग्रवाल, छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप शुक्ला, जगदीश त्रिवेदी, मनोज शुक्ला, गोपाल मिश्रा, संदीप बाजपेयी, दिव्य प्रकाश दुबे, विनय दीक्षित, रोशन अवस्थी, अनुग्रह मिश्रा, एस.एन. बाजपेयी, चुट्टू अवस्थी सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सिंघी सेंट्रल पंचायत समाज के अध्यक्ष विनोद मेघानी, धनराज आहूजा, डी.डी. आहूजा, राजपूत क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष अजय सिंह परिहार, प्रियंक परिहार, खंडेलवाल समाज अध्यक्ष आशीष खंडेलवाल, गुजराती समाज अध्यक्ष केतन सुतारिया, अरविंद भानूशाली, हरि भाई पटेल, वितेंद्र पाठक, गोपाल जैन, पंजाबी समाज अध्यक्ष परमजीत सिंह सलूजा, अमरजीत दुआ, नितिन छाबड़ा, राजेश आहूजा, चरणजीत गंभीर, राजेंद्र अग्रवाल राजू, कैलाश गुप्ता, वंदे मातरम मित्र मंडल अध्यक्ष महेंद्र जैन, विंध्य ब्राह्मण समाज से आशुतोष मिश्रा, शुभम त्रिपाठी तथा मारवाड़ी ब्राह्मण समाज अध्यक्ष सुरेश शर्मा, ईश्वर तिवारी सहित बड़ी संख्या में सामान्य समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
