
डेस्क खबर बिलासपुर ../ शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और आम जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, वही जब नियमों की अनदेखी करते नजर आएं तो यह न केवल चौंकाने वाला होता है । और वह उस वक्त में जब जिले में बैठे उच्च अधिकारी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहे है ऐसे में यातायात विभाग में पदस्थ सब इंस्पेक्टर क वायरल वीडियो इस अभियान की पोल खोलता नजर आ रहा है और गलत उदाहरण भी प्रस्तुत करता कर रहा है । ऐसा ही एक मामला बिलासपुर के व्यस्त अमेरी फाटक रेलवे क्रॉसिंग पर सामने आया है, जहां यातायात थाना बिलासपुर में पदस्थ सब इंस्पेक्टर प्रकाश बाबू कुर्रे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे फाटक बंद होने से ठीक पहले SI प्रकाश कुर्रे अपने वाहन से क्रॉसिंग पार कर रहे थे। इस दौरान वे मोबाइल फोन पर बातचीत में व्यस्त थे। रेलवे क्रॉसिंग जैसे संवेदनशील स्थान पर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना यातायात नियमों के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। यह न केवल चालक का ध्यान भटकाता है, बल्कि किसी बड़े हादसे की वजह भी बन सकता है। इतना ही सामने आई तस्वीरों में भी यह जवान बिना हेलमेट के नजर आ रहा है । यह वीडियो दिसंबर महीने का जा बताया जा रहा है जब किसी ने बिना हेलमेट ,चलती बाइक में फोन पर बात करते रेलवे क्रॉसिंग पार करते हुए पुलिस जवान का वीडियो कैमरे में कैद कर लिया जिसके वायरल होने से ट्रैफिक विभाग की फजीहत हो रही है ।

लोगों ने इस लापरवाही पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस और यातायात अधिकारी आम जनता पर नियमों का सख्ती से पालन कराने का दबाव बनाते हैं, चालान काटते हैं और जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन जब वही अधिकारी नियम तोड़ते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं होती है जिसके बाद सवाल उठना लाजमी कि क्या नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं या फिर वर्दीधारी अधिकारी भी इनके दायरे में आते हैं। इस घटना के बाद यातायात विभाग की कार्यशैली और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और क्या नियम तोड़ने वाले अधिकारी पर कोई कार्रवाई होती है या फिर .???
