बिलासपुर में ‘निदान 1100’ की शिकायतें ही बनीं समस्या, लंबे समय तक समाधान नहीं मिलने से नागरिक परेशान



डेस्क खबर बिलासपुर,../ प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर नगर निगम की ओर से लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए शुरू की गई ‘निदान 1100’ हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि सड़क, नाली, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी कई मामलों में तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हो रही है।
शिकायत दर्ज होने के बावजूद लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों को बार-बार संबंधित विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे हेल्पलाइन की उपयोगिता और नगर निगम की शिकायत निवारण व्यवस्था दोनों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
शिकायत दर्ज कराने के बाद भी इंतजार, नागरिकों में बढ़ रही नाराजगी
शहर के अलग-अलग इलाकों से नागरिकों ने मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की शिकायत हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराई है। इनमें खराब सड़क, नालियों की सफाई, गंदगी और अन्य नागरिक सेवाओं से संबंधित मामले शामिल हैं।
लोगों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें समाधान की उम्मीद रहती है, लेकिन कई मामलों में निर्धारित अवधि गुजरने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रहती है। शिकायत लंबित रहने के कारण समस्या का असर स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
समयसीमा तय होने के बावजूद कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल
हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने के साथ उनकी प्रगति की निगरानी करना है। लेकिन यदि शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहें तो पूरी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायतों पर कार्रवाई की गति हर मामले में एक जैसी नहीं रहती। हालांकि, किन शिकायतों में देरी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसे लेकर नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
सिर्फ शिकायत दर्ज करना काफी नहीं, समाधान तक पहुंचना जरूरी
‘निदान 1100’ जैसी नागरिक सेवा तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी जिम्मेदारी तय हो और तय समय में कार्रवाई पूरी की जाए। केवल शिकायत दर्ज होने का संदेश मिलना नागरिकों की समस्या का समाधान नहीं है।
जरूरत इस बात की है कि प्रत्येक शिकायत की स्थिति की नियमित समीक्षा हो और लंबित मामलों की अलग से निगरानी की जाए। जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के स्तर पर अनावश्यक देरी हो रही है, उनकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
नागरिकों की मांग, लंबित शिकायतों पर हो विशेष निगरानी
शहरवासियों की मांग है कि नगर निगम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निपटारे की नियमित समीक्षा करे। प्राथमिकता वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो और लोगों को शिकायत की प्रगति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
यदि ‘निदान 1100’ के जरिए दर्ज शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाता है, तो यह व्यवस्था शहर की नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलहाल लंबित शिकायतों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नगर निगम की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।














