VIDEO –होली क्रॉस मिशन अस्पताल प्रबंधन का कबूलनामा ,तिरंगे के अपमान के शर्मनाक वीडियो की हुई पुष्टि, कृत्य के लिए देश से मांगी माफी,!बड़ा सवाल कार्यवाही से बचने की नौटंकीबाजी या ??



डेस्क खबर अंबिकापुर../ स्वतंत्रता दिवस से पहले आई कचरों के साथ तिरंगे की शर्मनाक तस्वीरों के बाद होली क्रॉस मिशन अस्पताल कार्यवाही से बचने के लिए सफाई अभियान में जुटा हुआ है। वायरल वीडियो में झाड़ू लगा कर तिरंगे को कचरा समझने वाली सफाई कर्मचारी ने अपने इस शर्मनाक कृत्य के लिए खेद जताते हुए वीडियो के माध्यम से माफी मांगी है। तो दूसरी तरफ अस्पताल की प्रबंधक संचालिका ने भी अपने बयान के लिए पूरी घटना के लिए खेद जताते हुए देशवासियों से माफी मांगी है।
गौरतलब है कि होली क्रॉस मिशन अस्पताल में झाड़ू से राष्ट्रीय ध्वज साफ करने का वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया था जिसने भी तिरंगे के अपमान की ऐसी तस्वीरें और हरकत देखी वह भी स्तब्ध रह गया लोगो को यकीन ही नहीं हो रहा था कि एक तरफ जहां पूरा देश आजादी के जश्न में डूबने की तैयारी में लगा है उसके ठीक एक दिन पहले इतने बड़े अस्पताल में तिरंगे का सरेआम इस तरह अपमान किया जाएगा।
वही कुछ लोग होली क्रॉस मिशन अस्पताल द्वारा जारी किए गए बयान की नौटंकी बाजी बता रहे है तो कुछ लोग कार्यवाही से बचने का हथकंडा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वायरल वीडियो में दिख रहे तिरंगे के ऐसे अपमान पर क्या माफी मांगने पर क्या माफ कर देना चाहिए या फिर ऐसी ऐतिहासिक कार्यवाही करना चाहिए जो एक मिसाल बन सके और आगे से कोई भारत देश के भीतर ही तिरंगे का ऐसा अपमान करने की हिमाकत न कर सके क्योंकि छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से वायरल वीडियो से न सिर्फ छत्तीसगढ़ शर्मशार हुआ है बल्कि पूरे देश के लिए यह घटना दुर्भाग्य है।क्योंकि तिरंगा सिर्फ कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ऐसे मामलों में कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि माफी के साथ जिम्मेदारी भी तय हो और भविष्य में कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर लापरवाही करने से पहले सौ बार सोचे। अंबिकापुर से सामने आई यह घटना केवल एक अस्पताल या एक कर्मचारी का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और तिरंगे की गरिमा के साथ देशवासियों के देशप्रेम की जज़्बात से जुड़ा सवाल बन चुकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय ध्वज को झाड़ू से साफ करने की अनुमति आखिर किसने दी? क्या अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी थी? अगर जानकारी नहीं थी तो परिसर में राष्ट्रीय ध्वज की देखरेख कौन कर रहा था? वीडियो वायरल होने के बाद कैमरे के सामने आने से बचने वाले प्रबंधन ने भी कबूलनामे से इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि कर दी है इसलिए इस वीडियो पर सख्त कार्यवाही तो बनती है ।















