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बिलासपुर– गतौरा का निर्माणाधीन कंकालीन पुल पिछले करीब एक साल से धीमी गति से निर्माणाधीन है। निर्माण कार्य की रफ्तार के साथ-साथ इसकी गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते पुल निर्माण प्रभावित हो रहा है और सरकारी राशि का सदुपयोग होने के बजाय निर्माण कार्य अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहा है।
पुल का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। दूसरी ओर क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने के कारण नहर मार्ग और आसपास की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया और भारी वाहनों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
*सभापति अरुणा सूर्या ने अधिकारियों को घेरा*
जिला पंचायत बिलासपुर की सभापति अरुणा चंद्रप्रकाश सूर्या ने मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने भारी वाहनों की आवाजाही रोकने, क्षतिग्रस्त मार्ग को तत्काल दुरुस्त कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि PMGSY से निर्मित ग्रामीण सड़कों की भार क्षमता करीब 10-15 टन है, जबकि इन मार्गों पर 60-70 टन तक के भारी वाहनों के चलने की बात सामने आई है। इससे सड़क और नहर मार्ग को नुकसान पहुंच रहा है।
*पुल निर्माण की गुणवत्ता और खर्च की जांच की मांग*
ग्रामीणों ने निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, कार्य की प्रगति, स्वीकृत लागत और अब तक किए गए भुगतान की भी जांच होनी चाहिए।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही इसकी वास्तविकता सामने आएगी। ऐसे में सवाल यह है कि सालभर से कछुए की चाल चल रहे इस निर्माण कार्य पर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कब गंभीरता दिखाएंगे?
*अब बड़ा सवाल—कब पूरा होगा पुल?*
एक तरफ ग्रामीणों को आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ रही है, दूसरी तरफ निर्माणाधीन पुल की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। सभापति अरुणा सूर्या की शिकायत के बाद अब देखना यह है कि जल संसाधन विभाग इस मामले में जांच और कार्रवाई करता है या फिर गतौरा का कंकालीन पुल इसी तरह वर्षों तक अधूरा पड़ा रहेगा।

