
डेस्क खबर बिलासपुर./ बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी में शुक्रवार देर रात का यह घटनाक्रम अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की नजर जब श्मशानघाट में मौजूद चार लोगों पर पड़ी तो शक गहराया। कुछ देर निगरानी के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें घेरने की कोशिश की। ग्रामीणों को देखते ही चारों भागने लगे। पीछा करने पर एक युवक पकड़ में आ गया, जबकि तीन लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
इसके बाद श्मशानघाट की तलाशी ली गई तो वहां पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ मछली, नींबू, सिंदूर और कुछ तस्वीरें मिलने की बात सामने आई। इन तस्वीरों में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और दो युवकों के फोटो होने का दावा किया जा रहा है। तस्वीरें सामने आते ही सवाल उठने लगे कि आखिर आधी रात श्मशानघाट में ऐसा क्या किया जा रहा था, जिसके लिए इतनी सामग्री जुटाई गई थी?
जमानत से जुड़ी बताई जा रही पूरी कहानी
पकड़े गए युवक की पहचान ऋषिकेश कुमार के रूप में बताई गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वह चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद आरोपी प्रियांशु बोले का रिश्तेदार है। प्रियांशु को कुछ समय पहले तोरवा पुलिस ने चाकूबाजी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था और उसकी जमानत याचिका हाई कोर्ट में लंबित बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया के जरिए एक कथित तांत्रिक के संपर्क में आने के बाद आरोपी के रिश्तेदारों को जमानत के लिए श्मशानघाट में कथित तांत्रिक क्रिया करने की सलाह दी गई थी। इसी कथित सलाह के बाद चार लोग देर रात देवरी के श्मशानघाट पहुंचे थे।
हालांकि तंत्र साधना के जरिए जमानत मिलने का दावा फिलहाल जांच का विषय है। पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि मौके पर वास्तव में क्या गतिविधि चल रही थी और वहां मौजूद लोगों का उद्देश्य क्या था।
एक युवक पकड़ाया, तीन अब भी फरार
ग्रामीणों के पहुंचते ही चारों के बीच भगदड़ मच गई। एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया, जबकि तीन लोग मौके से भाग निकले। सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और पकड़े गए युवक को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस अब मौके से मिली सामग्री और तस्वीरों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही फरार तीन लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
आधी रात का रहस्य अब भी बरकरार
देवरी के श्मशानघाट में उस रात वास्तव में क्या हो रहा था, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। चीफ जस्टिस की तस्वीर वहां क्यों रखी गई थी? तीन फरार लोग कौन हैं? कथित तंत्र साधना की सलाह किसने दी? और क्या इसका संबंध वास्तव में जेल में बंद आरोपी की जमानत से है?
इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल देवरी के श्मशानघाट की यह आधी रात की घटना इलाके में चर्चा और रहस्य का विषय बनी हुई है।
