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आदतन अपराधियों ने ढाबे में मचाया आतंक, चाकू की नोक पर लूट… SSP की सख्ती से कुछ घंटों में पहुंचे सलाखों के पीछे.!



डेस्क खबर बिलासपुर../, जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर में एक बार फिर आदतन अपराधियों के बुलंद हौसले देखने को मिले। देर रात नेशनल हाईवे स्थित एक ढाबे में तीन बदमाशों ने चाकू की नोक पर जमकर उत्पात मचाया। ढाबा संचालक और कर्मचारी से मारपीट कर गल्ले से 4500 रुपये लूटकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना 12 जुलाई की रात करीब 1 बजे की है। गहलोत ढाबा में बैठे संचालक आशीष गहलोत के पास पहुंचे तीनों आरोपियों ने पहले शराब की मांग की। जब शराब नहीं मिली तो चाकू निकालकर जान से मारने की धमकी दी और जबरन शराब लाने का दबाव बनाने लगे।
बीच-बचाव करने पहुंचे कर्मचारी विजेंद्र कमल पर आरोपियों ने स्टील पाइप, डंडों और मुक्कों से हमला कर दिया। इसके बाद चाकू की नोक पर गल्ले से 4500 रुपये लूटकर फरार हो गए।


वारदात की सूचना मिलते ही एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के नेतृत्व में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने टीम गठित कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। पुलिस ने विकास उर्फ विक्कू रावत, शनि उर्फ राजा कश्यप और व्यासनारायण पाटले उर्फ छोटे को उनके घरों से दबोच लिया। पूछताछ में तीनों ने वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर लूटी गई 4500 रुपये की नगदी, वारदात में इस्तेमाल चाकू और लाठी भी बरामद कर ली गई।



पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी पहले से ही मारपीट, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में संलिप्त रहे हैं और क्षेत्र में आदतन अपराधियों के रूप में पहचाने जाते हैं। गौरतलब है आरोपियों  पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और जेल से छूटने के बाद इनका आतंक फिर शुरू हो जाता है। कई बार तो कानून से बेखौफ इन बदमाशों ने थाने के अंदर भी उत्पात मचाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस की कार्यवाही के बाद भी आरोपी सुधरने का नाम नहीं ले रहे है तो इनके खौफ से स्थानीय लोगों को निजात कब मिलेगी और 
आखिर ये बार-बार वारदात करने तक कैसे पहुंच जाते हैं? क्या आदतन अपराधियों पर और अधिक प्रभावी निगरानी तथा कठोर वैधानिक कार्रवाई की जरूरत नहीं है? फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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