


डेस्क खबर बिलासपुर../ बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में स्थित सबसे बड़े साइंस कॉलेज के खेल मैदान को 40 दिनों के लिए फन वर्ल्ड और मीना बाजार के आयोजन हेतु आवंटित किए जाने का छात्रों और खिलाड़ियों ने तीखा विरोध शुरू कर दिया है। गुरुवार को छात्रों ने मैदान में प्रवेश करने पहुंचे 10 से अधिक ट्रकों को बाहर ही रोक दिया और साफ कहा कि खेल मैदान को व्यावसायिक आयोजन का स्थल नहीं बनने देंगे। छात्रों का कहना है कि 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और इसी मैदान में खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की तैयारियां होनी हैं। ऐसे में डेढ़ महीने तक मैदान मीना बाजार के कब्जे में रहने से खेल गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित होंगी। छात्रों ने प्राचार्य को लिखित शिकायत देकर मैदान आवंटन का आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग की है। मामले को और गंभीर बनाते हुए कॉलेज के स्पोर्ट्स टीचर ने भी प्राचार्य को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के कारण मैदान खिलाड़ियों के उपयोग के लिए आवश्यक है, इसलिए इसे किसी अन्य आयोजन के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाना चाहिए। प्राचार्य ने पूरे मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है।गौरतलब है कि साइंस कॉलेज मैदान में पहले भी मीना बाजार, स्वदेशी मेला और रावण दहन जैसे आयोजन होते रहे हैं। खिलाड़ियों का आरोप है कि खेल मैदान का उपयोग लगातार गैर-खेल आयोजनों के लिए किया जा रहा है, जिससे खेल और छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

यह मामला पहले ही हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। अप्रैल 2026 में मीना बाजार आयोजकों ने मैदान आवंटन को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद न्यायालय ने कलेक्टर को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। आदेश के अनुसार कलेक्टर ने मुख्य मैदान के बजाय उसके बगल स्थित ग्राउंड को आयोजन के लिए आवंटित किया था। इसके बावजूद आयोजन से जुड़े ट्रक मुख्य खेल मैदान तक पहुंचने लगे, जिसका छात्रों ने विरोध करते हुए उन्हें मैदान के बाहर ही रोक दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खेल मैदान खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रहेगा या फिर एक बार फिर व्यावसायिक आयोजन के लिए सौंप दिया जाएगा? अब देखना होगा कि जिले की ट्रिपल इंजन सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा द्वारा छात्रों के हित में क्या निर्णय लिया जाता है ताकि खेल मैदान को खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके और मैदान को बर्बाद होने से बचाया जा सके।