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नायब तहसीलदार से मारपीट का मामला: भड़के राजस्व अधिकारी, जीपीएम जिले में ‘काम बंद-कलम बंद’ आंदोलन की चेतावनी





*रिपोर्ट _ अरविंद सिंह*#
डेस्क खबर _सरगुजा जिले के राजापुर
(मैनपाट) उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री तुषार मानिक के साथ हुई मारपीट और अभद्रता के विरोध में अब पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों में आक्रोश फैल गया है। इस निंदनीय घटना के विरोध में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले के समस्त राज्य प्रशासनिक सेवा और राजस्व अधिकारियों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है।
शुक्रवार, 29 मई 2026 को जीपीएम जिले के राजस्व अधिकारियों और छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
### **क्या है पूरा मामला?**


दिए गए ज्ञापन के अनुसार, यह गंभीर घटना 27 मई 2026 को राजापुर उप तहसील (जिला सरगुजा) के अंतर्गत घटित हुई। आरोप है कि सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रामकुमार टोप्पो के निज सहायक ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत नायब तहसीलदार श्री तुषार मानिक को राजापुर तिराहे पर बुलाया। नायब तहसीलदार जब एसडीएम सीतापुर के साथ वहां पहुंचे, तो विधायक और उनके समर्थकों ने पहले बात की और फिर अचानक अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट शुरू कर दी।


ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि समर्थकों द्वारा बेरहमी से पीटे जाने के कारण जब नायब तहसीलदार जमीन पर गिर गए, तब भी उन्हें पीटा गया। इसके बाद विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने भी नायब तहसीलदार को अपने पास बुलाकर थप्पड़ जड़ा और मारपीट की। यह पूरी घटना वहां मौजूद एसडीएम के सामने घटित हुई।
### **अधिकारियों में भय और आक्रोश, ‘विधि के शासन’ पर आघात**
इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संघ का कहना है कि माननीय विधायक बिना सोचे-समझे दबाव और भय का माहौल बनाकर लोक सेवकों से अपनी मनमर्जी का काम करवाना चाहते हैं, जो कि पूरी तरह अनुचित है। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक रूप से बीच तिराहे पर एक मजिस्ट्रेट के साथ ऐसी हिंसात्मक घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की गरिमा, विधि के शासन और संवैधानिक मूल्यों पर प्रत्यक्ष आघात है। इससे संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र का मनोबल बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
### **जीपीएम जिले के अधिकारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी**
सरगुजा संभाग मुख्यालय में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ जिला शाखा अंबिकापुर द्वारा 29 मई को सामूहिक अवकाश लेकर **’काम बंद, कलम बंद’** आंदोलन शुरू कर दिया गया है। जीपीएम जिला शाखा ने भी इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
**राजस्व अधिकारियों की प्रमुख मांगें:**
* घटना में संलिप्त विधायक श्री रामकुमार टोप्पो और उनके कार्यकर्ताओं को शासकीय कार्य में बाधा डालने व शासकीय सेवक के अपमान की धाराओं के तहत तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
* मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
* राजस्व अधिकारियों एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक तहसील और उप तहसील स्तर पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र, निष्पक्ष और कठोर दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ पूरे प्रदेश में **’प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन’** करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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