
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब केवल दोपहिया वाहन चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के तहत इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों, अतिरिक्त आरटीओ और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर दोपहिया वाहन चलाने, सवारी करने या बैठने वाले चार वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। यह प्रावधान मोटरयान अधिनियम की धारा 129 के तहत स्पष्ट रूप से लागू है।
उन्होंने कहा कि धारा 129 केवल चालक तक सीमित नहीं है, बल्कि पीछे बैठने वाले यात्रियों पर भी समान रूप से लागू होती है। हेलमेट सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोटों से बचाने का सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है। हालांकि पगड़ी पहनने वाले सिखों और चार वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कुछ विशेष प्रावधान अलग हैं।
विभाग ने केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 138(4)(f) को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत दोपहिया वाहन की बिक्री के समय निर्माता या डीलर द्वारा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुरूप हेलमेट उपलब्ध कराना अनिवार्य है। बिना मानक हेलमेट दिए वाहन की डिलीवरी नहीं की जा सकेगी।
अपर परिवहन आयुक्त ने कहा कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि नागरिक हेलमेट पहनने के महत्व को समझें। विभाग का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में मौतों और गंभीर चोटों में कमी लाई जा सकेगी।