थाने के अंदर वर्दी हुई शर्मसार, चौकी प्रभारी का हाथ पकड़ कर खाकी की जेब से निकाली रिश्वत की रकम ! देखिये सौदेबाजी के अड्डे से रिश्वत का LIVE VIDEO .!!

डेस्क खबर ./ छत्तीसगढ़ में कानून के रखवाले ही जब कानून तोड़ने लगें, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोरिया जिले की बचरापोड़ी पुलिस चौकी में बड़ी कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई न सिर्फ विभागीय भ्रष्टाचार की पोल खोलती है, बल्कि वर्दी की साख पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है। इतना ही नहीं थाने के अंदर कुर्सी में बैठे हुए सहायक सब इंस्पेक्टर को टीम ने रंगे हाथों पकड़ा इस दौरान टीम ने अप निरीक्षक अपने आप को निर्दोष बताते हुए बवाल करने का प्रयास किया । लेकिन टीम ने दोनों हाथ पकड़ कर पुलिसकर्मी की वर्दी से रिश्वत की रकम जब्त कर ली । इस दौरान acb ने पूरी घटना को लाइव रिकॉर्ड भी किया है ।
पूरा मामला कोरिया जिले के बचरापोड़ी पुलिस चौकी का है। यहाँ चौकी प्रभारी के पद पर सब इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ पदस्थ हैं। यहीं एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव भी पदस्थ हैं। दोनों ने सत्येंद्र प्रजापति नमक के ग्रामीण को फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। दरअसल बचरापोड़ी पुलिस चौकी अंतर्गत रहने वाले ग्रामीण सत्येंद्र प्रजापति के घर के सामने कुछ समय पूर्व एक दर्दनाक घटना हुई थी। घर के सामने स्थित एक गड्ढे में गिरकर एक डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई थी। बचरापोड़ी पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही थी।

चूंकि जिस गड्ढे में गिरकर मासूम के मौत की घटना हुई वह गड्ढा सत्येंद्र प्रजापति के घर के सामने था इसलिए उसे भी चौकी में बयान देने के लिए बुलाया गया था। मर्ग जांच के दौरान चौकी प्रभारी एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव ग्रामीण सत्येंद्र प्रजापति से इसी मामले फंसा देने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। सौदेबाजी में 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।

प्रार्थी ने इसकी शिकायत अंबिकापुर एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में कर दी। शिकायत का सत्यापन करवाने के बाद आज एसीबी ने ट्रैप कार्यवाही का आयोजन किया। आज ग्रामीण को रिश्वत की रकम लेकर पुलिस चौकी में भेजा गया। ग्रामीण ने रिश्वत की रकम एसआई और एएसआई को दी फिर बाहर निकल कर चौकी के बाहर खड़े टीम को इशारा कर दिया। टीम ने चौकी में रेड मारकर एसआई अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ एसीबी आगे की कार्यवाही में जुटी है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस चौकी से लोगों को न्याय और सुरक्षा मिलनी चाहिए, वहीं सौदेबाजी का अड्डा बनती नजर आई। कार्रवाई के बाद चौकी परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन कोरिया जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह सिर्फ दो कर्मियों की करतूत है या सिस्टम में जड़ जमा चुकी बीमारी की एक झलक? इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब तक भ्रष्टाचार पर भीतर से कठोर और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक “खाकी” पर लगा दाग धुलना मुश्किल है। आम जनता अब जवाब चाहती है — क्या दोषियों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई होगी या उदाहरण पेश किया जाएगा?