
डेस्क खबर बिलासपुर . / प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर जिले की सरकारी शराब दुकानों में एक बार फिर भ्रष्टाचार और कथित अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। शराब दुकान के कई कर्मचारियों ने प्लेसमेंट कंपनी कैपस्टन सॉल्यूशन लिमिटेड के जिला प्रतिनिधि विनेक सागर और फील्ड अफसर जितेशकांत कौशिक पर जबरन पैसे वसूलने, नौकरी से निकालने और दूरस्थ क्षेत्रों में ट्रांसफर की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का दावा है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े ऑडियो और वीडियो सबूत भी मौजूद हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कर्मचारियों ने इस मामले से जुड़ा वीडियो और ऑडियो भी वायरल करते हुए दावा किया है कि नौकरी के नाम पर किस तरह कर्मचारियों से वसूली की जाती है । ऑडियो वीडियो की हमारा वेब पोर्टल पुख्ता दावा तो नहीं करता है लेकिन इसकी जांच होने से पूरा सच सामने आ सकता है।
कर्मचारियों के अनुसार उनसे हर महीने नियमित रूप से अवैध वसूली की जाती है। आरोप है कि स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि यदि शराब दुकान में काम करना है तो पैसे देने होंगे। एक कर्मचारी ने बताया कि उसके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन माध्यम से पैसे लिए गए, लेकिन नौकरी नहीं दी गई। उल्टा जब पैसे वापस मांगे गए तो कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखाकर अपने भाई को सुपरवाइजर बना दिया गया।
नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि पैसे देने से इनकार करने पर नौकरी से हटाने या दूर-दराज इलाकों में ट्रांसफर की धमकी दी जाती है। इससे कर्मचारियों में भय और मानसिक दबाव का माहौल बना हुआ है। आरोप है कि अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और शिकायत वापस लेने के लिए जिला कंट्रोल रूम में बुलाकर दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं, शिकायत पर अड़े रहने पर कार्रवाई में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी जाती है।
यह पहला मामला नहीं है। कुछ माह पूर्व भी कैपस्टन कंपनी के जिला प्रतिनिधि विनेक सागर के खिलाफ जिला आबकारी आयुक्त और आबकारी मंत्री से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि संरक्षण मिलने के कारण संबंधित अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं और अवैध उगाही का खेल खुलेआम जारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस पूरे सिस्टम को किसका संरक्षण प्राप्त है और प्रशासन इस पर मौन क्यों है।