केंद्रीय जेल के वायरल वीडियो ने खोली पोल, जिलाबदर अपराधी को मोबाइल सुविधा, पुलिस पर उठे सवाल !! मामले में आईजी ने दिए जांच के आदेश .!


डेस्क खबर ../ कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन पर सवाल खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय जेल अंबिकापुर के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जिलाबदर अपराधी अंश पंडित पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में आराम से मोबाइल पर बात करता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो जेल परिसर के मुख्य गेट के पास का बताया जा रहा है। घटना उस समय की है जब कोतवाली पुलिस मारपीट के एक मामले में आरोपी अंश पंडित को जेल दाखिल कराने पहुंची थी। जानकारी के अनुसार, अंश पंडित पर एएसआई के घर में घुसकर अपने साथियों के साथ मारपीट करने का आरोप है। आरोपी को कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह जेल दाखिल कराने लेकर गया था। लेकिन जेल कैंपस के अंदर आरोपी के हाथ में मोबाइल फोन देखकर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल की अनुमति कैसे मिली और यह सुरक्षा जांच में कैसे पास हुआ?
वीडियो सामने आने के बाद न केवल जेल प्रशासन, बल्कि पुलिस की भूमिका भी कठघरे में आ गई है। इस पूरे मामले में आईजी ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत ने जिला पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल को एक पत्र लिखकर इस घटना पर नाराजगी जताई है।
जेल अधीक्षक ने पत्र में कहा है कि पुलिसकर्मी नए बंदियों को जेल में दाखिल कराते वक्त नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया है कि पुलिस की लापरवाही के कारण जेल जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल फोन जैसी सुविधा अपराधियों को कैसे उपलब्ध हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश की जेल सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है है। गौरतलब है कि प्रदेश की जेलों से इस तरह के वीडियो सामने आने का यह कोई पहला मामला नहीं है उसके बाद भी इस तरह के वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर सुरक्षा सवालों के घेरे में है ??