बोरे-बासी घोटाले में जिसे भ्रष्टाचार का चेहरा बताया, BJP ने उसी को दिया चिंतन शिविर का ठेका..किचन का गंदगी का वीडियो वायरल पर उठे सवाल ..?


डेस्क खबर ../ जिस फर्म को कांग्रेस सरकार के समय “बोरे-बासी घोटाले” का मुख्य किरदार बताकर भाजपा ने मोर्चा खोला था, अब उसी फर्म को भाजपा सरकार ने अपने चिंतन और प्रशिक्षण शिविर आयोजन की जिम्मेदारी दे दी है। यह शिविर सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में मैनपाट में 7 से 9 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है।
कांग्रेस शासन में 1 मई 2023 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में “बोरे बासी दिवस” का आयोजन हुआ था, जिसमें मेसर्स व्यापक इंटरप्राइजेज को कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। महज 5 घंटे के आयोजन के बदले इस फर्म को 8 करोड़ 70 लाख रुपए का भुगतान हुआ था। उस वक्त भाजपा ने इस पूरे आयोजन को एक “बड़ा घोटाला” बताते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
भाजपा ने तब उठाए थे ये सवाल…
• डोम बने 4, बिल लिया गया 6 का
• 1500 रुपए प्रति थाली बोरे-बासी
• 3 लाख के फूल, 15 लाख के मोमेंटो
• कार्ड-लिफाफे में लाखों का खेल
• बिना टेंडर सीधे काम सौंपा गया
भाजपा ने उस समय कहा था कि स्मार्ट सिटी सूची के नाम पर बिना टेंडर सीधे एक ही फर्म को करोड़ों का काम दिया गया। यह कांग्रेस की नियोजित लूट थी।
अब भाजपा सरकार में क्या बदला?
अब जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है, और वही पार्टी सुशासन व पारदर्शिता की बात कर रही है, तो उसी फर्म को मैनपाट चिंतन शिविर की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। यानी जो फर्म कांग्रेस सरकार के समय “घोटालेबाज़” थी, भाजपा के समय “प्रशंसा योग्य आयोजक” बन गई।

चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनके मंत्रीमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, संगठन के प्रमुख पदाधिकारी और महापौर से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक शामिल हो रहे हैं। कुल 12 सत्र होंगे जिनमें सोशल मीडिया, संगठन प्रबंधन, भाजपा की विचारधारा और जनसंपर्क की तकनीक पर चर्चा होगी।

सरगुजा की ‘विजय भूमि’ में शिविर, पर ठेके को लेकर उठे सवाल
चुनाव में सरगुजा संभाग की सभी 14 विधानसभा सीटें भाजपा ने जीती थीं। डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और अमरजीत भगत जैसे दिग्गज नेता भी चुनाव हार गए थे। ऐसे में भाजपा ने इस क्षेत्र को “रणनीतिक रूप से अहम” मानते हुए चिंतन शिविर का स्थान चुना।
लेकिन जिस फर्म को खुद भाजपा ने भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया था, उसी को ठेका देने से अब खुद उसकी नीयत और नीति सवालों में है।

मैनपाट में हो रहे भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में व्यवस्थाओं की पोल खोलते एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है । दावा किया जा रहा की किचन में गंदगी का वीडियो
गंदगी से नाराज जनप्रतिनिधि ने वीडियो वायरल किया है गौरतलब है इसी किचन में मुख्यमंत्री, विधायकों और सांसदों के लिए खाना और नाश्ते की व्यवस्था की जा रही है..हालांकि हमारा वेब पोर्टल इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है । अब देखना होगा कि पूरे मसले में बीजेपी के शीर्ष नेता चिंतन कर क्या निष्कर्ष निकाल अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते है ।
फोटो 3
वीडियो