

रिपोर्ट –अजय राय
डेस्क खबर…/ छत्तीसगढ़ स्थित एशिया की सबसे बड़ी ओपन माइंस, गेवरा परियोजना में एक बार फिर बड़ी दुर्घटना सामने आई है। SECL पर काम कर रही कामस्तु कंपनी की महंगी डोजर मशीन में अचानक आग लग गई, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब श्रीराम शॉवेल, गणेश शॉवेल और पार्था शॉवेल के साथ डंपिंग कार्य में यह डोजर मशीन सक्रिय थी। अचानक हुए इस हादसे में डोजर ऑपरेटर बालेश्वर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते मशीन से कूदकर अपनी जान बचा ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। मौके पर दमकल वाहनों को आग पर काबू पाने में ढाई से तीन घंटे का समय लग गया। इस दौरान डोजर पूरी तरह जलकर खाक हो गई।इस घटना ने एक बार फिर गेवरा माइंस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब 10 अप्रैल को भारत के कोयला मंत्री किशन रेड्डी का गेवरा खदान में दौरा प्रस्तावित है। दौरे को लेकर प्रबंधन पहले से ही सतर्क मोड में था, लेकिन हादसे ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। हादसे के वक्त कोल इंडिया की वेलफेयर टीम भी गेवरा माइंस के निरीक्षण पर मौजूद थी, जिससे घटनास्थल पर मौजूदगी के बावजूद ऐसी गंभीर चूक और भी ज्यादा चिंताजनक बन जाती है। गौरतलब है कि इससे पहले भी गेवरा माइंस में तकनीकी खामियों और लापरवाही के कारण कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।