कथित कांग्रेसी गुंडे की करतूत से परेशान राजपरिवार की महिला ने ली थाने की शरण..
मामला बुजुर्ग विधवा महिला की निजी भूमि पर बल पूर्वक जबरन कब्जा और निर्माण से जुड़ा हुआ…. पीड़िता ने बताया कि गुंडे को मिला हुआ है कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष का संरक्षण….!


रायगढ़ सँवाददाता की कलम से
डेस्क खबर….रायगढ़,,,राजनीति से जुड़े कुछ गुंडा तत्वों का काम गरीब मजबूर लोगों का बुरी तरीके से शोषण करना रहा है। ऐसे अपराधिक लोग समाज के कमजोर तबके का या तो आर्थिक शोषण करते है या बल अथवा षड्यंत्र पूर्वक उनकी स्थाई संपत्तियों पर कब्जा कर लेते है। कुछ ऐसा ही मामला रायगढ़ शहर के नए मरीन डाइव रोड में स्थिति एक बेशकीमती जमीन के टुकड़े का सामने आया है।
मिली जानकारी के अनुसार जमीन का यह छोटा टुकड़ा राजमहल के पीछे गढ़भीतर में स्थित है। इस भूमि का मालिकाना हक राजपरिवार की महिला अरुंधति देवी और उसकी मृत बहन का है। बहन की मृत्यु के पश्चात अरुंधति देवी भूमि की इकलौती मालकिन है।
पीड़िता ने बताया कि
उसका नाम अरूंधती देवी पिता स्व. दिलदार सिंह पति मुनिन्द्रा राज सिंह निवासी खाल्हे पारा राजापारा राजमहल हाल मुकाम बालाझर तहसील पत्थलगांव जिला जशपुर की रहने वाली है।
उसकी इस पैतृक सम्पत्ति पर जमीन माफिया और गुंडा किस्म का एक व्यक्ति जिसका नाम जितेंद्र सिंह है उसकी शुरू से बुरी नजर रही है। कांग्रेस सरकार के विगत शासन काल में उसने कई बार भूमि को उसके नाम पर रजिस्ट्री करने का दबाव दिया। इस बीच अवैध निर्माण करने की कोशिश किया। जिसे वर्तमान राज्य सभा सांसद और उनके भाई देवेंद्र प्रताप सिंह के परिजनों ने रोका था। इसके बाद वह शहर के किसी कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नाम पर फोन करवा कर दबाव डलवाने लगा।
वर्तमान में हमें बाहर पाकर पुनः जीतेंद्र सिंह ने पुन: बल पूर्वक इस भूमि पर अवैध निर्माण करवाना शुरू कर दिया है। इस बाद की लिखित शिकायत मेरी बहु ने सीटी कोतवाली पुलिस थाना रायगढ़ में किया था।
बावजूद इसके जितेंद्र ने अपना अवैध निर्माण बंद नहीं किया। इसके पश्चात उसके द्वारा राजस्व न्यायालय में आवेदन पत्र अंतर्गत – धारा 250.. छ .ग.भू राजस्व संहिता के तहत प्रस्तुत किया गया है। जिसमें पीड़िता ने बताया है कि उसके हक अधिकार की भूमि रायगढ़ शहर मोहल्ला राजापारा गढ़भीतर रायगढ़ में नजूल सीट नम्बर 56 प्लाट नम्बर 219 रकबा 175 वर्गमीटर स्थित है। दिनांक 26/मार्च/2025 को अनावेदक जितेंद्र सिंह पिता नामालूम निवासी सेंट्रल स्कूल के पास हाउसिंग बोर्ड कालोनी रायगढ़ द्वारा आवेदिका द्वारा लगाये बांस बल्ली को तोड़कर आबेदिका के पट्टे की भूमिस्वामी हक की भूमि पर बेजा कब्जा कर अवैध रूप से नींव खोदवाकर दीवाल का निर्माण कार्य कर रहा है। जिसे तुरंत रोका जाना आवश्यक है। पीड़िता/ आवेदिका के आवेदन पत्र पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आवेदिका की भूमि से अनावेदक को बेदखल कर उक्त भूमि का रिक्त कब्जा दिलाये जाने का प्रयास शुरू कर दिया है। न्यायालय (धारा-250 छ.ग.भू राजस्व न्यायालय तहसीलदार नजूल रायगढ़ जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) ने(धारा-250 छ.ग.भू राजस्व संहिता 1959 के तहत पीड़िता के आवेदन पर तत्काल स्थगन आदेश जारी करते हुए।

अनावेदक जितेंद्र सिंह पिता नामालूम निवासी सेंट्रल स्कूल के पास हाउसिंग बोर्ड कालोनी रायगढ़ को आवेदिका अरुंधती देवी के प्लाट पर अवैध रूप से नींव खोदवाकर दीवाल का निर्माण कार्य करने पर रोक लगा दी है। साथ ही अनावेदक को उक्त भूमि से बेदखल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए स्थगन आदेश की प्रति सीटी कोतवाली थाना रायगढ़ को भी प्रेषित किया है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि आवेदिका के द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र के अवलोकन एवं विश्लेषण उपरांत उपरोक्त भूमि पर अनावेदक जितेंद्र सिंह पिता नामालूम निवासी सेंट्रल स्कूल के पास, हाउसिंग बोर्ड कालोनी) द्वारा किये जा रहे निर्माण कार्य को आगामी पेशी दिनांक 15-अप्रैल-2025 तक के लिये तत्काल रोका जाता है। उपरोक्त संबंध में अनावेदक अपना जवाब स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर इस न्यायालय के समक्ष नियत पेशी को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। नियत दिनांक को जवाव प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में आवेदक जितेंद्र सिंह के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जावेगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी अनावेदक की होगी।
वहीं पीड़िता ने यह भी बताया है कि वह अपनी समस्या और गुदा प्रवृत्ति के भूमाफियों व्यक्ति जितेंद्र सिंह की शिकायत लेकर कलेक्टर रायगढ़ के अगले जनदर्शन में उपस्थित होगी। इस बीच यदि भूमाफिया जितेंद्र सिंह ने उसकी भूमि पर अपना अवैध निर्माण नहीं रोका तो वह न्याय पसंद रायगढ़ विधायक और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी से मिलकर उनसे भी न्याय की गुहार लगाएगी।



