प्रायवेट स्कुलो से अभिवावको को राहत देने जिला प्रशासन की नई पहल., निजी स्कुलो की मनमानी से मिलेगी राहत..!
बड़ा सवाल क्या इस पहल पर अमल करेगी छत्तीसगढ़ सरकार..??


डेस्क खबर./ प्रायवेट स्कूलों की मनमानी से अभिवावाको को राहत दिलाने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जिला प्रशासन ने अनोखी पहल की है, निजी स्कूलों द्वारा स्कूली बच्चों को किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी लेने के चुनिंदा दुकानों से लेने के लिए बाध्य किया जाता है। पालको द्वारा विरोध भी जताया जाता है लेकिन हर साल निजी स्कूलों की मनमानी जारी रहती है। ऐसे मे निजी स्कुलो की मनमानी से अभियावको को राहत दिलाने और उचित मूल्य पर किताब, ड्रेस और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए 7 दिवसीय बुक फेयर का आयोजन किया गया है। इसका शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और सांसद भरत सिंह कुशवाहा ने किया।

ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में लगे इस बुक फेयर में 81 दुकानों के माध्यम से जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों की किताबें, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर साल किताबों और अन्य सामग्री की खरीद में होने वाली परेशानियों से अभिभावकों को राहत दी जाए।हालांकि, मेले के पहले दिन कुछ अभिभावकों को स्कूल द्वारा निर्धारित सिलेबस की किताबें नहीं मिल सकीं, जिससे उन्हें दोबारा आने के लिए कहा गया। बावजूद इसके, कई अभिभावक इस पहल से संतुष्ट नजर आए।

गौरतलब है कि हर साल प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताबें और सामग्री महंगे दामों पर तय दुकानों से खरीदने की बाध्यता को लेकर शिकायतें होती रही हैं। ऐसे में यह बुक फेयर अभिभावकों के लिए राहत साबित हो सकता है। अब देखना होगा की मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की इस पहल को छ्तीसगढ़ के कितने जिलों मे अमल किया जाता है ताकि बच्चो और पालको को निजी स्कुलो की मनमानी से राहत मिल सके और अच्छी और सस्ती शिक्षा मिल सके।