किसान आत्महत्या मामले में भूपेश का तंज ..
शायराना अंदाज में किया सोशल मीडिया पोस्ट .!
दो महीने पहले कर्ज चुकाने बैंक ने भेजा था नोटिस .!

डेस्क।प्रदेश में कांग्रेस की दुबारा सरकार बनने के बाद कर्जमाफी की उम्मीद लगाए बैठे किसान ने आत्महत्या कर ली । किसान की आत्महत्या की ख़बर लगते ही पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया । वही पूरे मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ने किसान की मौत के बाद सोशल मीडिया x पर पोस्ट किया है…

जिसमें उन्होंने शायराना अंदाज में बीजेपी कि सरकार पर तंज कसते हुए अपने पोस्ट में लिखा की
फिर वही दौर लौट आया है…
किसानों की चीख़ का शोर लौट आया है…
पोस्ट भूपेश बघेल
मामला नारायणपुर जिले के ग्राम कुकड़झोर ग्राम का है जहा पर सहकारी बैंक के नोटिस मिलने पर हिरूराम नामक किसान ने आत्महत्या कर ली।
मिलीं जानकारी के अनुसार किसान ने खेती करने के लिए सहकारी बैंक से 1 लाख 12 हजार का कर्ज लिया था लेकिन इस वर्ष मौसम की मार के चलते फसल की पैदावार कम हो गई। किसान के परिजनों के दिए जानकारी अनुसार किसान को विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार बनने से उम्मीद थी ताकि उसका कर्ज माफ हो सके लेकिन सभी राजनीतिक भविष्यवाणी और सर्वे को छकाते हुए राज्य में भाजपा सत्ता में काबिज हो गई। तब से ही किसान गुमसुम और खोया हुआ सा रहने लगा था।

वही फसल के लिए बैंक से लिए गए कर्ज का नोटिस मिलने के बाद किसान और भी चिंता में डूब गया। 13 दिसंबर को खेत में फसल की मिजाई का कार्य करने के बाद परिजन घर आ गए थे किसान खेत में ही था । पुत्र पिता को भोजन करने के लिए जब बुलाने खेत गया तो देखा कि पिता को उल्टी हो रही है। जिसे देख तुरंत घर ले गया जिसके बाद इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया जहा देर रात किसान की मौत हो गई । किसान अपनी सास सोमारी के खेत में कार्य करके अपने परिवार और सास का भरण पोषण करता था । अब परिवार का भरण पोषण करने के साथ ही कर्ज पटाने की समस्या मृतक किसान के पुत्र के सामने है पुत्र शासन से मदद की गुहार लगा रहा है । किसान के बेटे का कहना है कि धान कम होने और खेती में नुकसान को लेकर मृतक किसान का परिवार में भी विवाद हुआ था।

वही पूरे मामले पर बैंक मैनेजर प्रतीक अवस्थी ने बताया कि मृतक किसान के नाम से बैंक में कोई कर्ज नही था उसकी सास सोमारी के नाम पर 1 लाख 24 हजार का कर्ज था , नोटिस भेजना एक प्रक्रिया है जो सभी किसानों को भेजा जाता है । सोमारी बाई के खेत की फसल का बीमा भी कराया गया था।
