छत्तीसगढ़

चमत्कारी बाबा के करतब पर प्रश्नचिन्ह …शंकराचार्य ने कहा जोशीमठ के दरारों ठीक कर दें तो मैं उनके राहों में फूल बिछा दूँ ।

बिलासपुर पहुंचे स्वामी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान आया है ।दिव्य दरबार दिखाने वालों चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि चम्तकार दिखाने वाले जोशी मठ आकर धसकती हुई जमीन को रोककर दिखाए,तब उनके चमत्कार को मैं मान्यता दुँगा।

शंकराचार्य ने यह भी कहा कि वेदों के अनुसार चमत्कार दिखाने वालो को मैं मान्यता देता हूं, लेकिन अपनी वाहवाही और चमत्कारी वाले बनने की कोशिश करनेवालों को मैं मान्यता नहीं देता।
आपको जानकारी दें कि पिछले दिनों जबलपुर में दिए अपने बयान को लेकर उन्होंने कहा था कि जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए थे उस समय मोहम्मद अली जिन्ना ने कहा था कि मुसलमानों को अलग कर दिया जाए क्योंकि वह अपनी धरती पर जाकर खुश रहेंगे, इसलिए भारत के टुकड़े किए गए थे और पाकिस्तान बनाया गया था ।लेकिन उस समय भी कुछ मुसलमान भारत में ही रह गए यदि उन्हें यहां सुख और शांति की प्राप्ति हो रही है।

तो फिर पाकिस्तान बनाने की क्या आवश्यकता है । इसलिए एक बार इस मामले में पुनर्विचार किया जाए और फिर से अखंड भारत की का निर्माण किया जाए । इसी देश में रहना और हिंदुओं के बीच रहना हिंदू और मुसलमान दोनों की नियति है तो फिर अलग देश की आवश्यकता नहीं है। इसलिए एक बार फिर से पाकिस्तान पर पुनर्विचार कर दोनों देश को एक कर दिया जाए इसमें कोई बहुत ज्यादा तकलीफ की बात नहीं है केवल कागज पर दोनों देश को अपनी सहमति देनी होगी । धर्मान्तरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि धर्मांतरण के पक्ष में बोलने वाले या विरोध करने वालों के पीछे धार्मिक कारण नहीं है,इसके पीछे राजनीतिक कारण है ।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

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