गृहमन्त्री का आबकारी विभाग पर प्रहार ..!
पुलिस का काम नही शराब पकड़ना ..!
आबकारी विभाग की भूमिका पर जताया संदेह ..?
करीब 100 करोड़ की खप गई अवैध शराब ..!

न्यायधानी बिलासपुर में अधिकारियों के साथ बैठक में जहाँ जिले में बढ़ रहे अपराधों के लिये महिला कप्तान ने राजस्व विभाग को जिम्मेदार ठहरा कर पूरा ठीकरा जिला प्रशासन पर फोड़ने की कोशिश की तो दूसरी तरफ प्रदेश के गृहमंत्री ने भी पुलिस विभाग का बचाव करते हुए शराब की तस्करी के लिए आबकारी विभाग को जिम्मेदार ठहरा कर हलचल मचा दी ।
दुर्ग जिले मे हो रहे अवैध शराब की तस्करी को लेकर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ने आज एक बड़ा ब्यान दिया हैं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने दुर्ग पुलिस का बचाव करते हुये कहा है कि ये कार्य आबकारी विभाग के द्वारा किया जाता हैं। लेकिन पुलिस शराब तस्करों को पकड़ रहीं है। पुलिस की नाकामी इसमे कहीं भी साबित नहीं होती हैं। बल्कि आबकारी विभाग को मूल रूप से इस कार्य को करना था। जबकि गिरफ्तार आरोपी तस्करी की बात को स्वीकार कर रहा है। तो आबकारी विभाग को इसको देखना है 11 जनवरी की रात दुर्ग के धमधा थाना क्षेत्र मे प्रतिबंधित अवैध शराब की एक बड़ी खेप को दुर्ग पुलिस ने पकड़ा था। इस कार्यवाही मे पुलिस ने लगभग 35 लाख रुपये क़ीमती के 550 पेटी अंग्रेजी शराब को जप्त किया था। एसपी अभिषेक पल्लव ने फेसबुक लाईव के दौरान तस्कर से जब सवाल किया। तो उसके द्वारा इस बात का खुलासा हुआ था,कि पिछले दो सालों में मध्यप्रदेश से करीब ढाई सौ ट्रक को उसके द्वारा दुर्ग लाया गया हैं। यानी कि करीब 70 से 80 करोड़ रुपयों की अवैध शराब का कारोबार किया गया। दुर्ग पुलिस ने निश्चित रूप से एक बड़ी सफ़लता प्राप्त की थी। लेकिन जिस काम के लिए विभाग बनाया गया हैं। उस विभाग की निष्क्रियता इस कार्यवाही के बाद उजागर हुई हैं। इसी बात को लेकर जब गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से जब प्रश्न किया। तो उन्होंने भी आबकारी विभाग को अब कटघरे मे खड़ा किया हैं। कि आखिर क्यों छत्तीसगढ़ मे अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है
ताम्रध्वज साहू गृहमंत्री