छत्तीसगढ़
डीएवी कॉलेज व मैनेजिंग कमेटी पर गंभीर आरोप..!
डीएवी कॉलेज व मैनेजिंग कमेटी पर गंभीर आरोप..!
वित्तीय अनियमितता और कर्मचारियों के शोषण का आरोप..!
SECL की मिलीभगत से हो रहा जमकर भ्रटाचार -डॉ मनीष रॉय

बिलासपुर।डीएवी कॉलेज व मैनेजिंग कमेटी चित्रगुप्त रोड नई दिल्ली द्वारा संचालित पूरे देश में लगभग 1200 स्कूल एवं कॉलेज चलाए जाते हैं इसमें व्याप्त अनियमितता का भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए डॉ मनीष राय, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, दुर्घटना मुक्त भारत व माधव नेत्रालय नागपुर द्वारा डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमिटी नई दिल्ली के संबंध में निम्नलिखित मुद्दों को लेकर प्रेस वार्ता रखी गई
- डीएवी कॉलेज मैनेजमेंट कमिटी ,चित्रगुप्त रोड, नई दिल्ली जो कि डीएवी पब्लिक स्कूल का मुख्य मुख्यालय है| अपने आप में किसी और की जमीन में बेजा कब्जा किए हुए हैं| मतलब साफ है कि मुख्यालय ही फर्जी है| 11 जनवरी 2021 को शिक्षा निदेशालय दिल्ली द्वारा आदेश दिया जा चुका है कि डीएवी मुख्यालय पूरी तरह से अवैधानिक है उसके बावजूद अभी तक मुख्यालय खाली नहीं किया गया और साथ ही वित्तीय अनियमितता में डीएवी के निदेशकों पर डॉक्टर राजकुमार शर्मा द्वारा एफ आई आर दर्ज की जा चुकी है
- डीएवी कॉलेज एवं मैनेजिंग कमेटी नई दिल्ली द्वारा अपने कर्मचारियों का लगातार शोषण और भ्रष्टाचार कर उनके ईपीएफ पैसों का लंबे पैमाने पर घोटाला किया जा रहा है | जो लगभग वर्ष भर में 4 से 5000 करोड़ का घोटाला भारत सरकार को चूना लगा रहा है
- डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल छत्तीसगढ़ जो 2016 से संचालित है |उसमें खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है| इसमें बिना योग्यता के शिक्षक शिक्षिकाओं की नियुक्ति साथ ही 15 से 17 महीनों से वेतन लंबित करके उसका बयाज छत्तीसगढ़ के निदेशक प्रशांत कुमार जो भिलाई में बैठते हैं उसका ब्याज खाकर शिक्षकों शिक्षिकाओं को प्रताड़ित करते हैं
- डीएवी कॉलेज एवं मैनेजिंग कमेटी नई दिल्ली द्वारा सामानों की खरीदी एवं कंप्यूटर घोटाला जैसे भ्रष्टाचार की हर सीमा को पार कर चुके हैं |
- डीएवी पब्लिक स्कूल छत्तीसगढ़ में एसईसीएल के साथ संचालित है |उसमें एसईसीएल अधिकारियों की संलिप्तता की वजह से नियमों की धज्जियां उड़ा कर भ्रष्टाचार के नए-नए आयाम तय किए जा रहे है |
उपरोक्त उपरोक्त बातों की जानकारी डॉ मनीष राय ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रेस बंधुओं और मीडिया के सामने रखी कि समाज में जनता का पैसा जनता के हित में ना लगाकर अपने स्वार्थ हित में डीएवी के अधिकारी और छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी की मिलीभगत से यह संभव हो पा रहा है जबकि श्री मनीष राय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य शिक्षा सचिव डॉ आलोक शुक्ला को सलाह के तौर पर या कहा भी था कि 72 डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों को अगर आत्मानंद स्कूलों में मिला दिया जाए तो यह समस्या स्वता ही समाप्त हो जाएगी।