डेस्क खबरबिलासपुर

बिलासपुर जिले में शहर से लेकर गांवों तक चावल चोरी, 35 किलो का हक, हाथ में 33 किलो चावल !
गरीबों के राशन में कथित 2 किलो कटौती, विरोध करने पर बदसलूकी का भी आरोप !



डेस्क खबर बिलासपुर../ गरीबों के हक का राशन अगर दुकान की चौखट पर ही कम हो जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। बिल्हा जनपद पंचायत के ग्राम सिलपाहरी में संचालित राशन दुकान को लेकर ग्रामीणों ने ऐसे ही गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि 35 किलो चावल के स्थान पर उन्हें कथित तौर पर 33 किलो ही चावल दिया जा रहा है।ग्राम सिलपाहरी में सफुरा माता स्वसहायता समूह द्वारा राशन दुकान संचालित की जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक राशन में 2 किलो की कथित कटौती का विरोध करने पर विवाद की स्थिति बनती है। कुछ ग्रामीणों ने बदसलूकी और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप लगाया है।


मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब एक हजार राशन कार्ड हैं। सरपंच टीकाराम यादव ने भी कहा है कि यदि प्रत्येक कार्ड में 2 किलो कटौती की शिकायत सही पाई जाती है तो बड़ी मात्रा में चावल के हिसाब-किताब पर सवाल खड़ा हो सकता है। हालांकि वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब सबसे बड़ा सवाल खाद्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से है—क्या राशन दुकान के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और वास्तविक वितरण की जांच होगी? हितग्राहियों को मशीन/रसीद में कितना राशन दर्ज है और वास्तव में कितना चावल दिया गया, इसकी जांच ही तस्वीर साफ कर सकती है।


ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। गरीबों के हिस्से के राशन में एक किलो की भी गड़बड़ी गंभीर है, ऐसे में कथित 2 किलो कटौती के आरोपों की जांच अब जरूरी हो गई है।गौरतलब है कि चावल परिवहन में लगी गाड़ियों में जीपीएस की आड़ में चावल की जमकर अफरातफरी की जा रही है गाड़ियों से चावल को एक निश्चित गोदाम में खाली करवा दिया जाता है जहां बोरियो को बदल कर राइस मिलो में बेचा जा रहा हैं। संगठित चावल चोरों को आखिर किसका संरक्षण मिला हुआ है और इन पर कार्यवाही कब होगी और कब गरीबों के राशन की खुलेआम होने वाली चोरी पर लगाम लगेगी।

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