कोरबाडेस्क खबर

गेवरा में यूनियन वेरिफिकेशन के नाम पर शराब का खेल? SECL की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
CISF बैरियर के पास कथित शराब वितरण का आरोप..SECLप्रबंधन को खुला चैलेंज ..वीडियो हुआ वायरल.





डेस्क खबर कोरबा../ जिस गेवरा परियोजना में सुरक्षा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा किया जाता है, वहीं यूनियन वेरिफिकेशन के दौरान शराब और अन्य नशीले पदार्थ बांटे जाने के आरोप ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 12 सितंबर 2026 को एक्स-वर्कशॉप गेट के पास की बताई जा रही घटना को लेकर दो श्रमिक संगठनों के बीच विवाद सामने आया है।सबसे बड़ा सवाल SECL की सुरक्षा व्यवस्था पर है। आरोपों के मुताबिक घटनास्थल CISF बैरियर के पास था। ऐसे में सवाल सीधा है—अगर वहां शराब पहुंची और कथित रूप से बांटी गई, तो सुरक्षा जांच किस स्तर पर हुई? क्या किसी ने इसे देखा नहीं, या फिर देखने के बाद भी नजरअंदाज किया गया? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा।SECL की गेवरा परियोजना में यूनियन वेरिफिकेशन के दौरान शराब और कथित तौर पर अन्य नशीले पदार्थ बांटे जाने के आरोप ने विवाद खड़ा कर दिया है। मामला 12 सितंबर को एक्स-वर्कशॉप गेट के पास का बताया जा रहा है।

नोट –वीडियो में अपशब्दो का इस्तेमाल किया गया है कृपया बच्चों और महिलाओं को दूर रखें




प्रबंधन को खुला चैलेंज, उच्चाधिकारियों की चुप्पी संदिग्ध

विवाद के दौरान एक यूनियन नेता द्वारा सरेआम चिल्ला-चिल्लाकर प्रबंधन को चुनौती दी गई कि मैं नशीले पदार्थ और दारू बाँटूंगा जिसे जो करना है कर ले l सार्वजनिक रूप से प्रबंधन को इस प्रकार खुला चैलेंज दिए जाने और औद्योगिक परिसर की मर्यादा तार-तार होने के बावजूद एसईसीएल का उच्च प्रबंधन पूरी तरह खामोश बैठा हुआ है घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी ना तो शराब बांटने वाले असामाजिक तत्वों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और ना ही मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई जांच बिठाई गई ।

नोट –वीडियो में अपशब्दो का इस्तेमाल किया गया है कृपया बच्चों और महिलाओं को दूर रखें




मामले से जुड़े बताए जा रहे वीडियो ने विवाद को और हवा दी है। वीडियो में एक यूनियन नेता द्वारा कथित रूप से शराब और नशीले पदार्थ बांटने की बात कही जा रही है।औद्योगिक परिसर से जुड़े किसी भी क्षेत्र में शराब और नशीले पदार्थों की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल श्रमिक संगठनों का विवाद नहीं, बल्कि सुरक्षा निगरानी और प्रबंधन की जवाबदेही का मामला बन सकता है।घटना के बाद क्या जांच हुई? किसकी जिम्मेदारी तय हुई? क्या CISF और SECL प्रबंधन ने मौके की CCTV फुटेज, प्रवेश-निकास रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान खंगाले? इन सवालों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। अब सवाल यही है—गेवरा जैसे संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्र में शराब के आरोपों पर SECL कब जवाब देगा? श्रमिक संगठन ने निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

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