छत्तीसगढ़ की बेटी ने स्कॉटलैंड में लहराया तिरंगा..प्रदेश का बढ़ाया मान . 199 किलो का दम, मां को फोन पर बेटी ने बोला ‘अब गोल्ड लेकर ही लौटूंगी!’



डेस्क खबर छत्तीसगढ़ ../ कहते हैं… बेटियां अगर ठान लें, तो सरहदें भी उनके हौसलों के आगे छोटी पड़ जाती हैं।
हजारों किलोमीटर दूर स्कॉटलैंड की धरती पर जब भारत का तिरंगा लहराया, तो हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। यह गौरव दिलाया है छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने। अपनी मेहनत, जुनून और अदम्य हौसले के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर दुनिया को बता दिया कि भारत की बेटियां अब किसी से कम नहीं हैं।
ग्लास्गो में आयोजित 53 किलोग्राम वर्ग की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ज्ञानेश्वरी ने अपने इरादों जितना ही भारी प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो, यानी कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम कर लिया।
हर लिफ्ट के साथ उनकी मेहनत, संघर्ष और सपनों का वजन भी उठ रहा था। मंच पर जब भारत का नाम पुकारा गया, तो यह सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत नहीं थी, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सम्मान की जीत थी।

राजनांदगांव में जैसे ही जीत की खबर पहुंची, पूरे शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार की आंखें गर्व से नम हो गईं। कोच के चेहरे पर मुस्कान थी, क्योंकि वर्षों की तपस्या रंग लाई थी।
लेकिन सबसे भावुक पल तब आया, जब ज्ञानेश्वरी ने स्कॉटलैंड से अपनी मां को फोन किया और कहा
“मां… देश के लिए खेलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। मैं सिल्वर से खुश नहीं हूं… अगली बार गोल्ड लेकर ही भारत लौटूंगी।”
यही शब्द बताते हैं कि असली खिलाड़ी पदक जीतकर नहीं रुकते, बल्कि अगली जीत की तैयारी उसी पल शुरू कर देते हैं।
यह सिर्फ एक सिल्वर मेडल नहीं… यह छत्तीसगढ़ की मिट्टी का स्वाभिमान है, एक बेटी के संघर्ष का सम्मान है और हर उस युवा के लिए संदेश है, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है। ज्ञानेश्वरी यादव… आपने सिर्फ पदक नहीं जीता, बल्कि पूरे देश के दिलों में गर्व की एक नई लौ जला दी है।

एक बेटी… जिसने अपने दम, अनुशासन और मेहनत से स्कॉटलैंड की धरती पर भारत का तिरंगा बुलंद किया। राजनांदगांव से उठी यह उड़ान अब दुनिया की ऊंचाइयों को छू रही है। ज्ञानेश्वरी यादव को पूरे छत्तीसगढ़ और देश सहित हमारी टीम की ओर से ढेरों शुभकामनाएं। उम्मीद है अगली बार छत्तीसगढ़ की यह बेटी गोल्ड जीतकर भारत का गौरव और बढ़ाएगी।