डेस्क खबरबिलासपुर

करोड़ों के नाली निर्माण में बिजली चोरी का खेल! VIDEO वायरल होते ही विभाग में मचा हड़कंप, भगवती कंस्ट्रक्शन पर 77 हजार का जुर्माना, सिरगिट्टी थाने में FIR की तैयारी ..




डेस्क खबर बिलासपुर../ बिल्हा विधानसभा के सिरगिट्टी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से हो रहे नाली निर्माण में नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिरगिट्टी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 में नाली निर्माण के दौरान ट्रांसफार्मर से सीधे बिजली चोरी करने के एक वायरल वीडियो ने बिजली चोरी की पोल खोल कर रख दी ,वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह करोड़ो के नाली निर्माण के लिए ठेकेदार ने साफ साफ बिजली चोरी से निर्माण कार्य करता हुआ नजर आ रहा है। इतना ही नहीं बीच सड़क में बिजली का तार भी फैला हुआ नजर आ रहा है जबकि आसपास पानी भी दिखाई दे रहा हैं जिसके कारण हादसे की आशंका बनी हुई थी। ठेकेदार की मनमानी और वार्ड में फैली बिजली के तारों के चलते लोगो की सुरक्षा की अनदेखी का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।वायरल वीडियो के बाद बिजली विभाग के अधिकारी एक्शन में आए और इस वीडियो की जांच के बाद
भगवती कंस्ट्रक्शन पर बिजली चोरी का आरोप सही पाए जाने के बाद बिजली विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। ट्रांसफार्मर से सीधे अवैध कनेक्शन लेकर निर्माण कार्य कराने का वीडियो वायरल होते ही विभाग हरकत में आया और ठेकेदार पर करीब 77 हजार रुपये का जुर्माना ठोक दिया। अब कंपनी के संचालक प्रशांत मिश्रा के खिलाफ सिरगिट्टी थाने में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।



मामला यहीं तक सीमित नहीं है। इसी निर्माण कार्य को लेकर पहले भी गुणवत्ताहीन निर्माण और स्वीकृत डिजाइन व मानकों के विपरीत नाली बनाने के आरोप लग चुके हैं। शिकायतों के बाद तिफरा निगम कमिश्नर ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्वीकृत डिजाइन और स्टेटमेंट के अनुसार निर्माण कराने के निर्देश दिए थे।
इससे पहले भी निर्माणाधीन नाली के बीचों-बीच खड़े बिजली के खंभे को हटाए बिना काम किए जाने पर बिजली विभाग ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। विभाग ने साफ कहा था कि चालू लाइन के बीच निर्माण होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और निगम को खंभा हटाने के लिए पत्र भी लिखा गया था। इसके बावजूद लापरवाही जारी रही।
अब सामने आए वीडियो में निर्माण कार्य के लिए सीधे ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी करते हुए काम कराया जा रहा था। सड़क पर खुलेआम फैले बिजली के तार किसी भी राहगीर या स्थानीय नागरिक के लिए जानलेवा साबित हो सकते थे। सवाल यह है कि करोड़ों के सरकारी प्रोजेक्ट में बिजली का वैध कनेक्शन लेने के बजाय चोरी का रास्ता क्यों चुना गया?



सिरगिट्टी जोन के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग के सब इंजीनियर ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने के साथ-साथ भगवती कंस्ट्रक्शन के संचालक प्रशांत मिश्रा के खिलाफ सिरगिट्टी थाने में अपराध दर्ज कराने के लिए जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसके लिए एक अधिकारी को जांच रिपोर्ट लेकर सिरगिट्टी थाने भी दो दिन पहले भेजा गया था पर थाना प्रभारी से मुलाकात नहीं होने के कारण अब तक भगवती कंस्ट्रक्शन के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो पाया है,साथ ही बिजली विभाग ने एक दो दिन में  थाने में fir दर्ज करवाने की बात कही भी कही है। वीडियो करीब 10 दिन पुराना बताया जा रहा है और 10 दिन बाद भी अब तक थाने में मामला दर्ज नहीं होने से कई सवाल भी खड़े हो रहे है ?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी निर्माण कार्य में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों और नियमों की अनदेखी के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियां अब तक ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर पाईं? क्या सिर्फ जुर्माना काफी है, या फिर करोड़ों की इस परियोजना की गुणवत्ता और पूरी कार्यप्रणाली की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए?

अगले अंक में नोटिस की पूरी कहानी पुख्ता दस्तावेजों के साथ.. जोन कमिश्नर से सवालों के जवाब के बाद ..

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