


डेस्क खबर बिलासपुर …/ बिलासपुर जिले में कोयले के काले कारोबार पर लगातार पुलिसिया कार्रवाई हो रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कार्रवाई के बाद भी अवैध गतिविधियां थम रही हैं? रतनपुर के लिम्हा टोल प्लाजा के पास स्थित कश्यप कोल डिपो को खनिज विभाग द्वारा सील किए जाने के बावजूद वहां संदिग्ध गतिविधियां जारी रहने की चर्चा है। सामने आए वीडियो ने एक बार फिर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले में रतनपुर से लेकर मुंगेली बॉर्डर तक कई वैध और अवैध कोल डिपो संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को ट्रकों से निकालकर उसकी जगह कम गुणवत्ता वाला कोयला मिलाकर प्लांटों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे करोड़ों का खेल संचालित हो रहा है। शिकायतों के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन खनिज विभाग पर निष्क्रियता के आरोप लग रहे हैं।

रतनपुर थाना क्षेत्र के लिम्हा टोल प्लाजा के पास स्थित कश्यप कोल डिपो की लीज समाप्त होने के बाद खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए डिपो को सील करने और अंदर मौजूद कोयला, जेसीबी व अन्य वाहनों को जब्त करने की जानकारी प्रेस विज्ञप्त के जरिए मीडिया से साझा की थी। हालांकि विभाग की प्रेस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जब्त सामग्री किसकी निगरानी में रखी गई है और अवैध संचालन करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कानूनी या विभागीय कार्रवाई की गई। कश्यप कोल डिपो से सामने आए कथित वीडियो में सील परिसर के अंदर कुछ लोगों और वाहनों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि डिपो को कथित तौर पर किराए पर लेकर एक रसूखदार अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर खनिज विभाग द्वारा सील किए जाने के बाद भी इसी कोल डिपो में बेखौफ होकर अभी भी कोयले का अवैध कारोबार कर रहा है । और यदि सूत्रों द्वारा किया गया यह दावा सही है तो यह खनिज विभाग की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मामले में खनिज अधिकारी और संबंधित निरीक्षकों से मोबाइल के जरिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। अब देखना होगा कि खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इन खबरों पर कितनी गंभीरता से कब तक संज्ञान लेकर पुलिस विभाग की मदद से कब घटनास्थल का निरीक्षण करते और कब तक खबरों सील डिपो में चल रही कथित गतिविधियों की जांच कर सच्चाई सामने ला पाते है, या फिर .??? फिलहाल वीडियो और स्थानीय दावों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सील किए गए डिपो में वास्तव में गतिविधियां चल रही हैं? यदि हां, तो जिम्मेदार कौन है? और यदि नहीं, तो वीडियो में दिख रहे लोग कौन हैं? इन सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा।