डेस्क खबरबिलासपुर

पूर्व CM भूपेश बघेल ने मंच से दी पुलिस अफसरों को खुली धमकी  ! थाने के सामने धरने,आमरण अनशन में कांग्रेसियों के बैठने से राजनैतिक भूचाल ! बड़ा सवाल ,क्या राजनैतिक दबाव में चल  रहा  प्रदेश में अफसर राज ??


डेस्क खबर ../ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ,प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कांग्रेसियों के थाने के सामने धरने में बैठते ही प्रदेश की राजनैतिक में बड़ा विस्फोट सामने आया है।  बिश्रामपुर थाना में कांग्रेस जिलाउपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले ने अब प्रदेश की राजनीति बड़ा भूचाल खड़ा कर दिया है । कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए मोर्चा खोल दिया है। बिश्रामपुर थाना के सामने धरना, आमरण अनशन और भूख हड़ताल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए थाना प्रभारी, एसपी और आईजी तक को सीधी चेतावनी दे डाली।
भूपेश बघेल ने कहा — “सरकार आती-जाती रहती है… जानकारी में आने के बाद भी अगर नहीं समझे तो कोई बात नहीं… हमारा मौका भी आएगा…”। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है,और अफसरों पर राजनैतिक इशारो पर काम करने के गंभीर आरोप लगने शुरू हो गए है ।



धरना स्थल पर हालात उस समय और गर्मा गए जब प्रशासन की टीम अचानक मौके पर पहुंची। एसडीएम और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत कर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के बीच माहौल पूरी तरह राजनीतिक रणभूमि में बदल गया।


बिश्रामपुर थाना के बाहर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखने को मिला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक मंच पर नजर आए। तीनों नेताओं ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं और कांग्रेस जिलाउपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने सत्ता के दबाव में फर्जी आर्म्स एक्ट लगाकर कार्रवाई की है। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता थाना के सामने धरने पर बैठ गए।


टीएस सिंहदेव ने साफ चेतावनी दी कि जब तक नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट की धारा वापस नहीं ली जाती और थाना प्रभारी प्रकाश राठौर को हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आमरण अनशन और भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान भी किया।
धरना स्थल पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता डटे हुए हैं। पूरे घटनाक्रम ने सूरजपुर की राजनीति को गरमा दिया है और अब यह मामला पुलिस कार्रवाई से निकलकर सीधे सत्ता बनाम विपक्ष की लड़ाई बन चुका है।

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