फिर सुर्खियों में अपने “पांडेय जी”..! अब कलेक्टर के खिलाफ खोल दिया मोर्चा । कहा-कलेक्टर चुने हुए प्रतिनिधियों का कर रहे हैं अपमान ।

बिलासपुर । राज्योत्सव में बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय को निमंत्रण ना मिलने के बाद एक बार फिर सियासी पारा गर्म हो चुका है । विधायक पाण्डेय इसे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का अपमान मान रहे हैं और इस बार विधायक के निशाने पर बिलासपुर कलेक्टर हैं। नगर विधायक ने इसे उनके अपमान का विषय माना है और राज्य सरकार के नाम लिखे एक पत्र के माध्यम से अपना विरोध दर्ज किया है। विधायक पांडेय इससे पहले भी कई मौकों पर अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते रहे हैं । विधायक की उपेक्षा कहीं ना कहीं पार्टी के अंदर की गुटबाजी प्रदर्शित कर रही है । माना जाता है कि विधायक शैलेष पांडेय टी एस बाबा के तरफ़दार हैं । पूरे प्रदेश में बाबा बनाम बघेल के इस सियासी जंग का बिलासपुर जीताजागता उदाहरण बन चुका है। बिलासपुर विधायक ने राज्य सरकार के नाम पत्र लिखकर स्थानीय प्रशासन पर सीधा हमला बोला है । शैलेष पांडेय ने पत्र के माध्यम से कलेक्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है । देखिए क्या लिखा है पत्र में ।

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क्र.1614/बिला.विधानसभा/विधायक/2021 बिलासपुर, दिनांक 02.11.2021
प्रति,
माननीय श्री भूपेश बघेल जी,
मुख्यमंत्री,
छत्तीसगढ़ शासन,
रायपुर (छ.ग.)
विषय:- बिलासपुर कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर द्वारा आपकी सरकार का अपमान कर रहे हैं,उन्हें तत्काल बिलासपुर से हटाया जाय और राजद्रोह की कार्रवाई की जाय ।
आदरणीय बड़े भैया, आपको सादर् प्रणाम!
धनतेरस एवं दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें!
महोदय,
अत्यंत खेद के साथ आपको कहना पड़ रहा है कि बिलासपुर के कलेक्टर डाॅ. सांराश मित्तर जी आपकी सरकार का और निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का अपमान लगातार कर रहे है। कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में आम जनता से जुड़कर कार्य कर रही है और आपके नेतृत्व में शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का कार्य जनप्रतिनिधि कर रहे है वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर का प्रशासनिक अमले के मुखिया सम्मानीय कलेक्टर बिलासपुर जो कि जनता का अपमान कर रहे है और जनता से चुने हुये सभी जन प्रतिनिधियों का भी अपमान कर रहे है।
माननीय मुख्यमंत्री जी, 01 नवंबर हमारे राज्य का स्थापना दिवस है, और इस दिन आपके निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में राज्योत्सव कार्यक्रम किया जाना निर्देशित किया गया था। मुख्य अतिथि किसको बनाना है यह सूची शासन द्वारा सभी जिले में भेजी गई थी। और जिले में अन्य अतिथियों का चयन कलेक्टर साहब को करना था मैं समझता हूं राज्य स्थापना दिवस में तो सत्ता पक्ष के साथ साथ विपक्ष के विधायक गण को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए था जनता से निर्वाचित विधायक सत्ता पक्ष के जो कि आपकी सरकार का अंग भी है उनको आमंत्रित नही किया गया।एवं अन्य भी जनप्रतिनिधि जैसे कि महापौर, सभापति, ज़िला पंचायत अध्यक्ष सम्मान पूर्वक कार्ड में लिखकर आमंत्रित नहीं किया गया था। अन्य जिलों में जैसे कि GPM ज़िला,मुंगेली ज़िला के भी कार्ड देख सकते है जहां के कलेक्टर द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों को सम्मान पूर्वक राज्य उत्सव में अतिथि बनाकर बुलाया गया लेकिन बिलासपुर कलेक्टर का तानाशाही रवैया द्वारा बिलासपुर में आपकी सरकार का और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान किया गया है और केवल सामान्य कार्ड द्वारा आम आदमी को जैसे कार्ड भेजते है वैसे ही कार्ड भेज दिया गया जिसपर मुख्य अतिथि ने भी नाराजगी व्यक्त किया। कलेक्टर बिलासपुर द्वारा किया गया कार्य जनता का सरकार का अपमान है जो कि राजद्रोह की श्रेणी आता है। प्रशासन के अधिकारी आये दिन इस प्रकार का अपमान करते रहते है, जिससे कि आपकी सरकार की छवि एवं आपके चुने हुये जन प्रतिनिधियों की छवि धूमिल हो रही है, जिसके कारण जनता में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है।
महोदय, जिन जन प्रतिनिधियों को जनता चुन कर भेजती है, यदि हमारी सरकार में उनका अपमान होगा तो मैं समझता हूॅ कि, यह अपमान आपका भी अपमान है।
अतः आपसे निवेदन है कि, बिलासपुर कलेक्टर डाॅ. सांराश मित्तर को तत्काल बिलासपुर से हटाया जायें और इनके विरूद्ध राजद्रोह की कार्यवाही किया जायें।
सादर्,
संलग्न– मुंगेली ज़िले और GPM ज़िले के राज्यउत्सव 2021 के कार्ड
आपका
शैलेष पाण्डेय
विधायक
बिलासपुर विधानसभा