दर्ज़ी का काम करनेवाले विजय ने सी डाला अपने हाथों से अपनी किस्मत..तखतपुर के विजय का सीजीपीएससी में डंका…!

वक्त का पहिया कब घूम जाय पता ही नहीं चलता । मेहनत करनेवाले अपने मेहनत पर यकीन करते हैं । वो अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन रात एक कर देते हैं,और फिर एक दिन ऐसा भी होता है कि एक रिक्शा चालक का बेटा सीजीपीएससी परीक्षा में सफल हो जाता है । बिलासपुर जिले के तखतपुर नगरीय क्षेत्र में ऐसा ही हुआ है,जहां रिक्शा चलाने वाले का बेटा पीएससी परीक्षा में सहायक कर आयुक्त के पद पर चयनित हुआ है। आज इस होनहार बच्चे की सफलता पर पूरा नगर गौरवान्वित महसूस कर रहा है ।
विजय कैवर्त का चयन पीएससी की परीक्षा में सहायक कर आयुक्त पद पर हुआ है। विजय का पिता कुलदीप कैवर्त रिक्शा चलाकर हाड़तोड़ मेहनतकर अपने परिवार को चलाते हैं । उन्हें शायद इस बात का अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि आने वाला दिवाली उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी दिवाली साबित होगी । रिक्शा चलाकर कुलदीप ने अपने बच्चे का लालन-पालन कर वह संस्कार दिया जिससे वह एक काबिल इंसान बन सके और समाज में अपनी पहचान बना सके। पिता के इस सीख को विजय कैवर्त ने सर माथे पर रखकर परिश्रम करना नहीं छोड़ा ।वह भी अपने पिता कि परिश्रम को देखकर खुद टेलरिंग का कार्य सीखा और पढ़ने लिखने से टाइम बचाकर दो पैसा कमाने के लिए विजय आज भी टेलरिंग का काम कर रहा है। विजय कैवर्त की प्राथमिक शिक्षा गायत्री ज्ञान मंदिर में कक्षा आठवीं तक हुई वहीं 12वीं तक की पढ़ाई बालक हाई स्कूल में करने के बाद उन्होंने सीवी रमन यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिग्री हासिल किया। लेकिन एक अच्छा मुकाम हासिल हो सके इसके लिए वो लगातार प्रयास करता रहा । विजय टेलरिंग के काम के साथ-साथ प्रतिदिन वह 5-6 घंटे पढ़ाई करता था। इससे पहले वो 3 बार प्री में उत्तीर्ण हो चुका था । इस बार चौथी बार में मेंस की परीक्षा में पहुंचकर 21 वां रैंक हासिल किया है।