

डेस्क खबर बिलासपुर../कोटा थाना क्षेत्र में होली के दिन हुए विवाद को लेकर अब मामला नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पहले जहां सोशल मीडिया पर कोटा थाने में पदस्थ एएसआई और आरक्षक पर मारपीट कर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया था, वहीं अब पुलिस का बचाव करने वाले बीजेपी पार्षद भागवत साहू पर ही गंभीर आरोप लगने लगे हैं। दरअसल, कोटा के वार्ड नंबर 4 निवासी आशीष सिंह राजपूत ने होली के दिन सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया था कि कोटा थाने के पुलिसकर्मियों ने उनके साथ जबरन मारपीट की और पैसे की मांग की। इस खबर को डंकाराम वेब पोर्टल ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद पुलिस विभाग की ओर से इस खबर को भ्रामक बताते हुए बीजेपी पार्षद भागवत साहू का एक वीडियो बयान जारी किया गया, जिसमें आरोपों का खंडन किया गया था।
कुछ महीनों से नाबालिक गांजा प्रकरण ,थाने के अंदर गुंडागर्दी से लेकर थाना प्रभारी सहित कई अफसरों के ड्राइवर द्वारा क्राइम ब्रांच के नाम पर वसूली की खबरों से चर्चित कोटा थाना होली के दिन चर्चा में आए कोटा थाने को लेकर पुलिस विभाग बीजेपी पार्षद भागवत साहू का बयान जारी करते हुए लगे आरोपों के बाद पुलिस विभाग ने जिस बीजेपी पार्षद भागवत साहू के बयान को जारी किया था , उसी बीजेपी पार्षद का चौंकाने वाला सच सामने आया है ।
लेकिन अब देवरिया पारा से सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार का आरोप है कि होली के दिन बीजेपी पार्षद भागवत साहू अपने करीब एक दर्जन साथियों के साथ दो गाड़ियों में मौके पर पहुंचे और जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि पार्षद और उनके साथियों ने महिलाओं और युवतियों से गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की।
पीड़ित परिवार का कहना है कि हमलावर अपने साथ डंडे, रॉड और चाकू लेकर आए थे। उन्होंने कुछ लोगों को घर से बाहर घसीट कर बेरहमी से पीटा और घरों में तोड़फोड़ भी की। इस दौरान एक नाबालिग बच्चे का सिर भी फूट गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।तों ने इस दौरान पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए है ।
स्थानीय लोगों के मुताबिक विवाद के दौरान महिलाओं और युवतियों के साथ धक्का-मुक्की की गई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान एक नाबालिग बच्चे को भी चोट लगने की खबर है। आरोप है कि मारपीट के दौरान उसका सिर फूट गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने पार्षद और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद इस तरह की हरकतें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मिली जानकारी के अनुसार सच पर पर्दा डालने के लिए पीड़ितों को डराया धमकाया भी गया जिसके चलते पार्षद रसूख के चलते वे भयभीत है और गरीब होने के कारण न्याय के लिए संघर्ष कर रहे है ।
वही विभागीय सूत्रों की माने तो एक कई चर्चित और नामचीन चेहरे बीजेपी पार्षद की करतूत पर पर्दा डालने के लिए दबाव बनाने का काम कर रहे है । सूत्र दावा करते है कि एक नामचीन व्यक्ति का थाने के अंदर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हंगामा करने का वीडियो भी मीडिया की सुर्खिया बना था जिसके बाद पुलिस ने उस सहित दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामूली कार्यवाही भी की थी । वही कोटा क्षेत्र में भी इनका राजनैतिक दबदबा बताया जा रहा है जिसके कारण पुलिस भी नतमस्तक नजर आ रही है । पूरे मामले में बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह का कहना है कि यदि पीड़ित परिवार थाने पहुंचकर शिकायत करता है तो निश्चित रूप से दोषियों के खिलाफ कानून के हिसाब से कार्यवाही की जाएगी । अब देखना होगा कि ग्राउंड जीरो सहित पीड़ितो के द्वारा जारी किए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिस विभाग के अधिकारी स्वत संज्ञान ले कर मामले का सच सामने लाते है या फिर ?????