

छत्तीसगढ़ पुलिस के एक अफसर पर लगे दुष्कर्म के ताज़ा मामले ने पूरे महकमे को हिला दिया है। बलरामपुर जिले में पदस्थ डीएसपी याक़ूब मेमन पर एक महिला ने यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। वहीं, अधिकारी ने भी पलटवार करते हुए महिला पर हनीट्रैप और मकान हड़पने की साजिश का आरोप जड़ा है।
DSP ने लगाया हनीट्रैप का आरोप
मामला और पेचीदा तब हो गया, जब सामने आया कि महिला की एफआईआर दर्ज होने से ठीक दो दिन पहले ही डीएसपी मेमन ने सरगुजा रेंज के डीआईजी को लिखित शिकायत दी थी। उस शिकायत में उन्होंने दावा किया था कि महिला जानबूझकर उनसे नज़दीकी बढ़ा रही है और वीडियो कॉल पर उनके निजी पलों के स्क्रीनशॉट लेकर उन्हें ब्लैकमेल कर रही है।
डीएसपी का आरोप है कि अब तक वह महिला डेढ़ लाख रुपये वसूल चुकी है और रायपुर स्थित उनके मकान को अपने नाम करने का दबाव बना रही है।
महिला के गंभीर आरोप
दूसरी ओर, महिला का कहना है कि रायपुर में पोस्टिंग के दौरान अधिकारी ने उसके साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए और पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। महिला का आरोप है कि वीडियो को आधार बनाकर डीएसपी लगातार उसे धमकाते रहे और मानसिक प्रताड़ना दी।
महिला ने शुरुआत में रायपुर पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उसकी बात अनसुनी कर दी गई। इसके बाद उसने सीधे सरगुजा के आइजी कार्यालय में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और कथित तौर पर आत्महत्या की धमकी भी दी। इसके चलते पुलिस महकमे को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी।
पदक विजेता अफसर पर दाग
गौरतलब है कि याक़ूब मेमन की गिनती प्रदेश के काबिल अफसरों में होती रही है। साल 2021 में उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक और पुलिस सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। लेकिन मौजूदा विवाद ने उनकी छवि पर गहरा असर डाला है।
जांच अब बड़े अफसरों की निगरानी में
टिकरापारा थाने में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर से निगरानी की जा रही है।
फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप से यह मामला और उलझता जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच में किसके दावे सच साबित होते हैं – महिला के या फिर पदक विजेता अफसर के।