सीएमएचओ कार्यालय में एडवांस अटेंडेंस घोटाला: कार्रवाई की बजाय खबर लीक करने वालों पर शिकंजा लगाई फटकार….


डेस्क खबर../ सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की खबरें आम होती जा रही हैं, लेकिन धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सामने आए एडवांस अटेंडेंस घोटाले ने सभी को चौंका दिया है। इस घोटाले में तीन महिलाओं के हाजिरी रजिस्टर में पहले से ही हस्ताक्षर कर देने का मामला उजागर हुआ था। मामला सामने आने के बाद धमतरी कलेक्टर ने जांच टीम गठित की, लेकिन जांच दल ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारियों को ही फटकार लगाना शुरू कर दिया। इससे कार्यालय में तनाव का माहौल बन गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन का पूरा ध्यान अब दोषियों पर कार्रवाई के बजाय यह पता लगाने पर है कि खबर मीडिया तक कैसे पहुंची। जांच टीम की प्रमुख महिला अधिकारी ने कर्मचारियों से एक गोपनीय सूची तैयार करवाई है, जिससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घोटाले की जानकारी किसने लीक की।

इसके अलावा, प्रशासन ने नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब हाजिरी रजिस्टर को सुबह 10:15 बजे के बाद ताला-बंद कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का असली मकसद गड़बड़ी रोकने के बजाय आगे कोई सबूत बाहर न आए, इसे सुनिश्चित करना है। सीएमएचओ कार्यालय में इससे पहले भी भर्ती घोटाले और कमीशनखोरी के आरोप लगते रहे हैं। यहां रेगुलर और संविदा कर्मचारियों के बीच गुटबाजी चरम पर है, जिससे कार्यालय का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं और प्रशासन इसे दबाने में जुटा है।