हिंद एनर्जी कंपनी के लोगो ने की मेरे पति की हत्त्या..?
आदिवासी महिला ने न्याय के लिए लगाई गुहार..!
मुख्यमंत्री से की इच्छा मृत्यु की मांग, कौन करेगा इंसाफ…?


डेस्क खबर छत्तीसगढ़./ कोरबा के एक आदिवासी गोड परिवार के सदस्य क्रांति कुमार प्रधान ने मुख्यमंत्री को एक आवेदन देकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। वह हिंद एनर्जी कंपनी में मजदूरी करता था और उसकी शिकायत है कि कंपनी के मालिकों ने उसके नाम पर सालों तक बिना उनकी जानकारी के आदिवासी जमीन खरीद ली, जब उसने इस पर विरोध जताया, तो उसे धमकियां मिलीं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस पर क्रांति कुमार ने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है की कंपनी के मालिको के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने के बाद भी पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।


क्रांति कुमार ने कहा कि हिंद एनर्जी के मालिकों के डर से वह और उसका परिवार हमेशा खतरे में रहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिंद एनर्जी के मालिकों ने पहले भी एक आदिवासी की हत्या की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुजारिश की कि अगर उनकी मदद नहीं की जाती, तो वह मजबूर होकर इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि अगर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो उनका और उनके परिवार का जीवन संकट में पड़ जाएगा।
वही आदिवासी महिला ने भी हिंद एनर्जी कंपनी पर अपनी पति की हत्त्या का गंभीर आरोप लगाते हुए पति की मौत के इंसाफ की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है की कंपनी के मालिको की उची पहुँच के चलते अभी तक उसे नयाय नही मिल पाया है।
यह मामला गंभीर बनता जा रहा है, क्योंकि हिंद एनर्जी के मालिकों पर आदिवासी भूमि पर कब्जा करने के आरोप लगे है और सीपत क्षेत्र में भी बिना अनुमति के जमीन कब्जा कर कोलवाशरी चला रहे हैं। अब देखना होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या आदिवासी मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय के इस दर्द को समझते हुए कब तक न्याय दिलवाते हैं।

गौरतलब है की बिलासपुर का रामा मैग्न्टो माल सरकारी तालाब पर बना लिया गया है। जिसकी शिकायते भी की गई है पर इनके मालिको के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही अब तक नही की गई है। कंपनी पर आरोप है की सीपत् क्षेत्र मे एक आदिवासी की जमीन को जबरन बिना किसी अनुमति के अपने नाम कर लिया गया है जिसमे कोलवाशरी का संचालन किया जा रहा है।