छत्तीसगढ़

CG NEWS –शिक्षित विधायक सुशांत ने किए अपने ही मंत्री से किए तल्ख सवाल ! मंत्री जी ने दिया जांच का आश्वासन ! अधिकारियों की की भूमिका की हो जांच _सुशांत शुक्ला  2007 से लगी है कोटवारी भूमि की रजिस्ट्री पर रोक .!

डेस्क खबर /। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान पंजीयन मंत्री ओम प्रकाश चौधरी के विभाग को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए। बिलासपुर जिले की बेलतरा विधानसभा से युवा विधायक सुशांत शुक्ला ने पंजीयन में भ्रष्टाचार, अवैध रजिस्ट्री और स्थल निरीक्षण की कमी जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया में सुधार की मांग की और मंत्री से जवाब तलब किया।

इसके अलवा विधायक सुशांत ने कहा कि कोटवारी भूमि कोटवारों को सेवा की एवज में दिया जाता है। उसकी खरीदी बिक्र नहीं की जा सकती पर मैं मंत्री जी के संज्ञान में लाना चाहता हूं कि 2007–2008 से कोटवारी भूमि के रजिस्ट्री पर रोक है। पर बिलासपुर जिले में पिछले पांच सालों में 18 कोटवारी भूमि की रजिस्ट्री हुई है। इस पर मंत्री जी क्या कार्यवाही करेंगे।

 

जिस पर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि जिन-जिन भूमि में रजिस्ट्री पर रोक है ऐसे मामलों की जानकारी मेरे पास उपलब्ध है। मैं प्रतिबंधित खसरों की जानकारी माननीय विधायक जी को उपलब्ध करवा दूंगा। इन खसरो में रजिस्ट्री पर रोक के बावजूद भी यदि रजिस्ट्री हुई है तो माननीय विधायक इसकी जानकारी मुझे उपलब्ध करवा सकते हैं जिस पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। कोटवारी भूमि बिकने के प्रश्न पर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि माननीय विधायक सुशांत शुक्ला की चिंता बिल्कुल सही है। मंत्री ने जवाब दिया कि माननीय अध्यक्ष महोदय आपकी सरकार के समय कोटवारी भूमि की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। यह निजी भूमि नहीं होती जिसकी बिक्री की जा सके बल्कि यह सरकार द्वारा कोटवारों को प्रदान की जाती है। यदि कोटवारी भूमि की रजिस्ट्री हुई है तो किस राजस्व अधिकारी ने इसकी गलत रिपोर्ट दी या किस पंजीयन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पंजीयन किया। इसकी जानकारी जुटाई जाएगी और जिस स्तर पर गड़बड़ी हुई है उस पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

 

विधायक सुशांत ने राज्यस्तरीय मॉनिटरिंग सेल की बात की, जिसे मंत्री ने स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने जिला स्तर पर शिकायतों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। सुशांत ने बताया कि अवैध खसरो की रजिस्ट्री और कोटवारी भूमि की बिक्री की समस्याएं बढ़ रही हैं। मंत्री ने इसकी जांच की बात की और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 

सत्र के दौरान, मंत्री ने पिछले साल की तुलना में इस साल राजस्व वृद्धि की जानकारी दी, जो 697 करोड़ रुपए से बढ़कर 790 करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने बेलतरा विधानसभा में राज्य स्तरीय जांच कमेटी की घोषणा की, जो जमीन संबंधी फर्जीवाड़े की जांच करेगी।

 

विधायक राजेश अग्रवाल और राजेश मूणत ने पंजीयन कार्यालयों की समस्याओं और गाइडलाइन रेट पर भी सवाल उठाए। मंत्री ने नगद भुगतान के बजाय ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की बात की और पंजीयन प्रक्रिया में सुधार के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करने का आश्वासन दिया।

 

धर्मजीत सिंह ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर भी ऐसी बैठकें आयोजित की जाएं जहां स्थानीय समस्याएं हल की जा सकें। मंत्री ने इस सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया, यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि कलेक्टरों और विधायकों की बैठकें आयोजित की जाएं।

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