छत्तीसगढ़

खबर के कयासों पर लगी मुहर ! हटाए गए SP और कलेक्टर !सरकार का दिखा एक्शन ! कांग्रेसियों का क्या था हिंसा से कनेक्शन ..?

डंका राम /छत्तीसगढ़/डेस्क/रायपुर
बलौदा बाजार में हुई हिंसा के बाद कहा जा रहा था और कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार इस मामले कड़े एक्शन ले सकती है…. और कुछ वैसा ही हुआ…
जब बलौदाबाज़ार हिंसा मामले में
राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है… देर
रात कार्रवाई करते हुए जिले के कलेक्टर
और एसएसपी को हटा दिया गया है…साथ ही
नए कलेक्टर और एसपी की तैनाती जिले
में की है…. जारी आदेश के मुताबिक,
बलौदाबजार जिले के कलेक्टर के पद पर
IAS दीपक सोनी और एसपी के पद पर
अंबिकापुर पुलिस अधीक्षक विजय
अग्रवाल को तैनात किया गया है.।

हुआ भी यही की 23 साल के इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ के किसी जिले में कलेक्टर-एसपी कार्यालय को उग्र भीड़ ने जलाकर फूंक डाला. प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा. उग्र भीड़ सब कुछ तहस-नहस करती रही. हालात बेकाबू होते देर नहीं लगी. कलेक्टर-एसपी कार्यालय में खड़ी गाड़ियों पर भी भीड़ कहर बनकर टूटी. सैकड़ों गाड़ियां जलाकर खाक कर दी गई. नाराज सतनामी समाज की उग्र भीड़ ने जमकर पत्थर बरसाए. इस घटना में दर्जन भर से ज्यादा लोग चोटिल हो गए हैं. और दर्जनों पुलिस कर्मियों को भी भीड़ ने घायल कर दिया इतना ही नहीं भारत की आन शान कहे जाने वाले तिरंगे को भी उपद्रियो ने उतारकर सफेद कलर का झंडा फहरा दिया था । घंटो तक चले इस तांडव के बाद भी कलेक्टर और एसपी मौके पर तत्काल नहीं पहुंच पाए और जब तक पहुंचे तब तक देर ही चुकी थी और करोड़ो रु का नुकसान हो चुका था ।

15 मई की रात सतनामी समाज के सबसे बड़े तीर्थ स्थल कहे जाने वाले गिरौदपुरी धाम के करीब मानाकोनी बस्ती की बाघिन गुफा में लगे धार्मिक प्रतीक चिन्ह जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना इस अंजाम तक पहुंचेगी, इसकी कल्पना भी प्रशासन ने नहीं की थी. जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. समाज ने कहा कि जेल भेजे गए लोग असली आरोपी नहीं है. समाज ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया था. इतनी बड़ी घटना के बाद अब सरकार इसके पीछे की वजह तलाश रही है, मगर सवाल उठ रहा है कि एक समाजिक आंदोलन आखिर कैसे हिंसक आदोलन में तब्दील हो गया? इस हिंसक आंदोलन को किसने हवा दी?

जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद से अब तक आक्रोशित समाज के भीतर चल रही हलचल को आंकने की चूक आखिर प्रशासन ने कैसे कर दी? हिंसक आंदोलन के बाद अब सवाल कलेक्टर-एसपी की भूमिका पर भी उठाए जा रहे थे और उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो सरकार कलेक्टर-एसपी को लेकर जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती थी और हुआ भी वही इस पूरे मामले में दोनों अफसरों पर गाज गिर ही है और दोनों नौकरशाहों को जिले से हटा दिया गया है ।

वही इस मामले में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने भी पत्रकारों से चर्चा में इस घटना के लिए कांग्रेसियों पर साजिश का आरोप लगाए है ।बलौदाबाजार कीे घटना खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने पत्रकारोें को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासी दास के अनुयायी शान्ति और सोहार्द को मानने वाले होते है। कभी हिंसा के मार्ग पर नहीं जा सकते।

कार्यक्रम में कुछ लोगो ने सतनामी समाज को बदनाम करने के लिए योजना बद्ध ढंग से आगजनी, लूट सरकारी सम्पलति को नुकसान पहुंचाना, हत्याक का प्रयास जैस गंभीर अपराध किये जो निदनीय है।

राहुल गांधी कथन की यदि नरेन्द्र मोदी तीसरी बार शपथ लेते है तो देश में आग लग जायेगी इस वाक्य को चरितार्थ करने वाला है। सब कुछ योजना बद्ध तरीके से किया गया। पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनैतिक षडयंत्र है, जैसा की राहुल गांधी ने पहले ही कह दिया था, उसी तरह की आगजनी की घटना की गई है।

केन्द्र तथा राज्य में भाजपा की सरकार को जो सहन नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे कांग्रेस पार्टी के षडयंत्र से यह दुःखद घटना हुई है। आगजनी और लूट की घटना को परवान चढ़ाया है।

यह घटना कांग्रेस पार्टी की सोची समझी सजिश का नतीजा है। विष्णु सरकार को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया गया। भीम आर्मी जैसे बाहरी विचार धारा का भी समर्थन लिया गया, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।

छत्तीगसगढ़ में राजनीति के लिए कांग्रेस इतने नीचे स्तर पर जा सकती है यह किसी ने नहीं सोचा था। इस सोचे समझे षड्यंत्र में लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और प्रशासन को असफल और पंगू बनाने की नकाम कोशिश की गई। राजनैतिक सार्वजनिक जीवन में ऐसे सौहार्द बिगाड़ने वाले और इस घटना शामिल तमाम दोषियों पर कठोर कार्यवाही की जायेंगी साथ ही लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से इसकी वसूली की जायेगी। यह बीजेपी के मंत्रियों ने प्रेस वार्ता में कहा है ।

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