रायपुर

चुनाव रिज़ल्ट पर बीजेपी की शुरू हो रही है समीक्षा….*कुछ का घटेगा कद…. तो कुछ का बढ़ेगा कद*अच्छा प्रदर्शन करने वालों को मिल सकता है प्रदेश में मंत्री पद ! किसे मिलेगा मंत्री पद !पढ़े भाजपा में चल रहे मंथन पर खास रिपोर्ट!

डंका राम /छत्तीसगढ़/डेस्क/रायपुर

लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस-भाजपा में समीक्षा का दौर चल रहा है….प्रदेश में भाजपा को 10 सीटें लाने के लिए सीएम विष्णुदेव साय को बधाईयां मिल रही है… इससे परे दो पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, और राजेश मूणत का भी पार्टी के भीतर कद बढ़ा है…तो वही दूसरी तरफ विधायक बनने के बाद…लोकसभा चुनाव में एक अच्छे समन्वयक के रूप में भाजपा के पूर्व अमर अग्रवाल और धर्म लाल कौशिक जैसे नेताओं की पार्टी आलाकमान के बीच जमकर चर्चा हो रही है… और उनकी किरकिरी हो रही है जिन्हे प्रदेश में मंत्री पद दिए जाने के बाद भी उनके क्षेत्र में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नही रहा है… ऐसे में पार्टी आने वाले दिनों में कुछ एक्शन भी ले सकती है…हालांकि ये एक्शन किस तरह का होगा इस पर अभी कोई कुछ खुलकर भले ही न कह रहा हो लेकिन दबी जुबान से इतना जरूर कहा जा रहा है कि पार्टी ऐसे चेहरों के खिलाफ कड़े एक्शन ले सकती है..ये बात सभी जानते है कि प्रतिद्वंदिता हर पार्टी में चलती है…. लेकिन कुछ जयचंदो को सबक सिखाना भी जरूरी होता है जो पार्टी की छवि को धूमिल करने के साथ ही साख पर बट्टा लगाने का काम करते है….

जिन नेताओं की तारीफ पार्टी के आला नेताओ के बीच हो रही है उनमें प्रदेश के कई पूर्व मंत्री शामिल है….राजेश मूणत ने राजनांदगांव सीट में एक तरह से चुनाव प्रबंधन संभाला हुआ था और वो पूरे चुनाव राजनांदगांव में ही डटे रहे…यहां कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व सीएम भूपेश बघेल से उनकी व्यक्तिगत नाराजगी भी रही है…इस वजह से उन्होंने यहां खूब मेहनत की, और पार्टी प्रत्याशी संतोष पाण्डेय को जिताने में कोई कसर बाकी नहीं रखी….ऐसे में बड़ी जीत पर संतोष के साथ मूणत की भी सराहना हो रही है…
दूसरी तरफ, अजय चंद्राकर ने कांकेर में विशेष ध्यान दिया था..
यहां कांटे की टक्कर में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग सीट निकालने में कामयाब रहे…अब देर सबेर मंत्रिमंडल का विस्तार होना है ऐसे में ये दोनों नेता अपने काम के बूते पर स्वाभाविक दावेदार नजर आ रहे हैं….

इसके अलावा बिलासपुर से अमर अग्रवाल का नाम भी चर्चाओं में शामिल है…. साथ में धर्मलाल कौशिक भी चर्चाओं में बने हुए है… वजह साफ है कि लोकसभा के आए परिणामों विधानसभा वार पार्टी समीक्षा कर रही है…. और जिनके क्षेत्र में भाजपा पिछड़ी है उन क्षेत्रों से भी ये डाटा जुटाया जा रहा है कि विधानसभा के कुछ महीनो के बाद जहां भाजपा ने विधानसभा में अच्छा प्रदर्शन किया था… फिर क्या वजह रही कि लोकसभा में पार्टी पिछड़ गई… कौन से समीकरण थे, कौन से कारण थे…. ऐसे कई बिंदुओं पर पार्टी मंथन में लगी है….

कयास लगाए जा रहे है कि मंथन के बाद ऐसे लोगो पर गाज गिरेगी जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया… जाहिर है ऐसे लोग अपने पद और मंत्री पद से भी हाथ धो बैठे… लेकिन उन लोगो की चांदी होगी… जिन्होंने सब्र किया और पार्टी के लिए काम किया उन्हे पार्टी मंत्री पद से नवाजते हुए अच्छी जिम्मेदारी दे सकती है…

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