Orb के प्रदेश अध्यक्ष ने दी पत्रकारों को बधाई ।कलमकार दे रहे समाज को सही दिशा – हेमंत

पत्रकार हेमंत वर्मा की कलम से
राजनंदगांव …पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने राष्ट्रीय हिंदी पत्रकारिता दिवस की समस्त पत्रकारों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने आज देश में अलग ही मुकाम हासिल किया है भाषाई अखबारों की अगर बात किया जाए तो सैकड़ो अखबार अलग-अलग भाषाओं में प्रकाशित हो रहे हैं लेकिन हिंदी का महत्व अभी भी बरकरार है हिंदुस्तान में सर्वाधिक हिंदी भाषा वाले अखबारों की लोकप्रियता अभी भी बरकरार है

वैश्विक पटल पर भी भारत देश की गरिमा नरेंद्र मोदी की सर्व स्वीकार्यता के चलते बढी है आज हिंदी और हिंदुस्तान की कद्र पूरे विश्व में बड़ी है निश्चित रूप से इसका श्रेय जाता है हिंदी के कलमकारों को जो लगातार तन मन धन से निष्पक्ष निर्भीक पत्रकारिता का दामन तमाम विपरीत परिस्थितियों में नहीं छोड़े हुए हैं हिंदी को स्थान दिलाने में देश के शीर्ष हिंदी न्यूज़ चैनलों ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है 24 घंटे लगातार हिंदी न्यूज़ चैनल में समाचार प्रकाशित होने से हिंदी के प्रति भी लोगों में जागरूकता बड़ी है पत्रकारिता समाज सेवा का विशुद्ध माध्यम है लेकिन पत्रकारिता की आड़ में आजकल अवैध अवांछित दलाल टाइप लोगों की एंट्री होने से पत्रकारिता की स्वरूप को बदल दिया है आज पत्रकारों को लोग हेय दृष्टि से देखते हैं जिसका कारण खुद पत्रकार ही है आज डिजिटल मीडिया के दौर में हर व्यक्ति पत्रकार बना फिर रहा है पत्रकारों की सही परिभाषा भी लोगों के सामने नहीं आ रहा है ज्यादातर लोग पत्रकारिता के आड़ में भयदोहन ब्लैकमेलिंग नंबर दो के काम करते हुए नजर आ रहे हैं ।आज समाज में ऐसे भी पत्रकार है जिन्हें किसी की निधन का भी समाचार नहीं आता लेकिन बड़े रुतबा और अहंकार के नशे में अपने आप को पत्रकार कहलाने में उन्हें शर्म नहीं आती है । कमर्शियल पत्रकारिता के दौर में तथाकथित चैनलों की स्थिति भी बत से बदतर है । फ्रेंचाइजी सिस्टम की होड़ में कुछ पैसे देकर दलाल नुमा लोगों को भी माइक आईडी देकर संवाददाता हायर किया जा रहा है । गाजर मूली की तरह बिक रही है मार्केट में माइक और आईडी प्रोफेशनल पत्रकारों को भाव नहीं दिया जा रहा है गैर पत्रकारों को कुछ हजार रुपए में माइक आईडी बड़ी-बड़ी चैनलों की मिल जा रही है । यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण घटना है लेकिन इस पर अब अंकुश शायद ही लग पाएगा क्योंकि सरकारे भी पत्रकारों के मुद्दे पर शांत बैठ जाती है अभी तक पत्रकारों के अधिकृत सरकारी स्तर पर कोई पहचान नहीं है फिर भी आज के दौर में भी कई पत्रकार कई कलमकार है, जो अपनी निर्भीक लेखनी निष्पक्ष लेखनी से देश और समाज को नई दिशा दे रहे हैं हिंदी पत्रकारिता के अवसर पर ऐसी कलम वीरों को सादर नमस्कार है