छत्तीसगढ़

इस अधिकारी का अंदाज ही कुछ अलग है ।
ये कहता है-तेरा करूं दिन गिन गिन के इंतज़ार…
सरकारी सेवा आचरण की उड़ी धज्जियाँ ।
इशारे कर किसको बुला रहे अधिकारी .?
देखें वीडियो और जानें मामला ।

डेस्क खबर मेनपाट …राज्य सरकार के द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से प्रदेश के पर्यटन वाले इलाकों में दो तीन दिनों का महोत्सव आयोजित कर… वहां की संस्कृति और पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा देने महोत्सव आयोजित किए जा रहे है…. पर्यटन के साथ ही स्थानीय लोगो को रोजगार मिल सके ये भी सरकार का एक मकसद है… इसी के तहत सरगुजा के मैनपाट में मैनपाट महोत्सव का आयोजन किया गया था… लेकिन समापन के अंतिम दिन रात में जो हुआ उसे देखकर लोग… मज़ा भी ले रहे है तो वही…ये चर्चा का विषय भी बन गया है… सभ्य लोग इसे उचित नहीं बता रहे है, तो अधिकारियों का एक वर्ग इस मस्ती पर लोक तंत्र में मिली आजादी का बखान कर रहा है…खैर हर किसी के अपने तर्क हो सकते है… लेकिन एक सार्वजनिक आयोजन अधिकारियों का ये डांस व्यवस्था को बिगाड़ सकता था… यही वजह है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस के अधिकारी कर्मचारी असहाय, बेबस और लाचारी सा चेहरा लिए अधिकारियों को किनारे करते नजर आए…. सवाल कई है??? लेकिन पहले ज़रा उस वीडियो को देख लीजिए..




वीडियो को देखकर आप भी जानना चाहेंगे मामले के बारे में…. दरअसल मैनपाट महोत्सव के समापन पर गीत संगीत का आयोजन किया गया था…. इस दौरान मंच से जैसे ही ये गाना शुरू हुआ….

एक दो तीन …. चार पांच छह सात आठ नो दस ग्यारह….

तेज़ाब फिल्म में माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए इस गाने का क्रेज आज भी किस तरह से बरकरार है ये अधिकारियों के थिरकने से समझ आ गया होगा… कि शूट बूट में सजे धजे अधिकारी अपनी जगह से उठकर झूमने लगे….वे ये भूल गए कि  वे अधिकारी है और ड्यूटी पर है…. पर कई बार मौज मस्ती में उम्र , पद और रुतबा कहा दिखाई देता है…. तो बस साहब झूमने लगे… एक बार साहबो की मस्ती का वीडियो जो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है…. आप भी एक बार फिर देख लीजिए…



अब साहब मोज मस्ती में थे तो ड्यूटी पर तैनात खाकी ने उन्हे इस अंदाज में किनारे किया कि कही कार्यक्रम में मौजूद खास लोगो के बीच आम लोग न थिरकने लग जाए…. इसलिए बेचारे कानून रखवाले अधिकारियों को किनारे करते रहे… अब चूंकि अधिकारी थे इसलिए वर्दी वाले भी विनम्रता के साथ उन्हे किनारे करते दिखाई दिए… लेकिन अगर यही गुस्ताखी कार्यक्रम में मौजूद सामान्य लोग कर देते तो उन लाठियां चल जाती और डांस का सारा भूत उतार दिया जाता है….

खैर फैसला अपने पाठकों पर छोड़ देते है कि वे इसे किस नजरिए से देखते है….

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